
इंदौर
शनिवार को इंदौर शहर के देवल्लीकर कला वीथिका में गोंड शैली की चित्रकला प्रदर्शनी का आयोजन हुआ। इस प्रदर्शनी में प्रकृति प्रेम को दर्शाती हुई अनेक कहानियां विद्यार्थियों द्वारा उकेरी गई। रंग रेखा संस्था की संस्थापिका रेखा सिंह ने बताया कि गत 4 नवम्बर को शासकीय आर्ट एंड कॉमर्स महाविद्यालय में 35 विद्यर्थियों के साथ एक कार्यशाला का आयोजन किया गया था। इस कार्यशाला में गोंड कलाकार श्री द्वारिका परस्ते ने विद्यर्थियों को गोंड शैली की भित्तिचित्रकला के विभिन्न पहलुओं के बारे में बताया था। इसके पश्चात शनिवार को उन्ही विद्यार्थियों द्वारा गोंड शैली में प्रकृति प्रेम की कहानियां चित्रों के माध्यम से प्रदर्शित की गई। प्रदर्शनी में 33 विद्यर्थियों की चित्रकला प्रस्तुत की गई। इसमें पेड़ पौधों के अलावा चिड़िया से लेकर शेर के चित्रों के द्वारा लोक कथाओं को दर्शाया गया। संस्थापिका रेखा सिंह ने बताया कि पहले तो यह कला गोबर और मिट्टी के रंगों से लोकप्रिय हुई है। लेकिन अब यह कला पेपर पर एक्रेलिक कलर में भी पहचान बना रही है। गोंड चित्र कला शैली को जीआई टैग भी प्राप्त हुआ है।
