अमेरिका, कोलकाता, मुंबई एवं इंदौर तथा आसपास से आए भक्त हुए शामिल
इंदौर निपान्या स्थित अंतर्राष्ट्रीय श्रीकृष्ण भावनामृत संघ (इस्कॉन) मंदिर पर रविवार को इस्कॉन इंदौर के अध्यक्ष स्वामी महामनदास के सानिध्य में पहली बार 35 भक्तों को हरिनाम दीक्षा प्रदान की गई। इस्कॉन मंदिर इंदौर के इतिहास में यह पहला अवसर था जब अमेरिका, कोलकाता, मुंबई तथा इंदौर एवं आसपास के शहरों से आए भक्तों ने हरिनाम दीक्षा प्राप्त की।
इस अवसर पर राधा गोविंद की साक्षी में विशेष पूजा, कीर्तन और आध्यात्मिक अनुष्ठान भी किए गए। इस दौरान सम्पूर्ण मंदिर परिसर हरे रामा हरे कृष्णा दिव्य संकीर्तन की मंगल ध्वनि से गुंजायमान बना रहा। कार्यक्रम में स्वामी महामनदास प्रभु ने कहा कि हरिनाम की महिमा निरंतर बढती जा रही है और इस्कॉन के संस्थापक ए.सी. भक्ति वेदांत स्वामी प्रभुपाद के दिव्य मिशन की विजयगाथा का ही प्रमाण है कि उन्होंने पूरे विश्व में जो हरिनाम संकीर्तन आन्दोलन प्रारम्भ किया वह आज नई ऊँचाइयों को छू रहा है। हरिनाम दीक्षा का अर्थ है जीवन को भगवान श्रीकृष्ण की सेवा में समर्पित करना, अपने ह्रदय को पवित्र बनाना और समाज में आध्यात्मिक जागरण की ज्योति प्रज्वलित करना। हरिनाम ही कलियुग का सबसे बड़ा आश्रय है और यही मानवता की वास्तविक शांति का मार्ग है।
दीक्षा समारोह में प्रभु लक्ष्मण, प्रभु गिरधर गोयल, प्रभु अच्युत गोपाल, प्रभु गोपाल, प्रभु समर्पित गौर, प्रभु भक्त वत्सल्य, प्रभु कृष्णार्चन, प्रभु प्राणेश्वर, प्रभु आदिर्धारण, प्रभु केशवभक्त, प्रभु चन्द्रभानु, प्रभु दामोदर, प्रभु जगतजीवन सहित अनेक श्रद्धालु भागीदार बने।
