श्रीमती कृष्णादेवी गुप्ता की स्मृति में नवलखा स्थित शासकीय कन्या उ. मा. विद्यालय की 250 बालिकाओं को भेंट किए उपहार

इंदौर, । सेवा के कई स्वरुप होते हैं। अपने स्नेहीजनों की स्मृति को शुभ संकल्पों से जोड़कर हम समाज को सार्थक और रचनात्मक दिशा प्रदान करते हैं। अपने दिवंगत परिजनों की यादों को सहेजने के लिए खुशियाँ बांटने के प्रयास निरंतर चलते रहना चाहिए। खुशियों को जितना ज्यादा बांटेंगे, वे उतनी ही ज्यादा बढ़ेंगीं। उत्सवों की इस बेला में जरूरतमंदों के चेहरों पर मुस्कान लाने का प्रयास भी किसी सेवा का ही हिस्सा है।
ये प्रेरक विचार हैं अतिथियों के, जो उन्होंने मध्य भारत अग्रवाल सभा के महामंत्री रमेश गुप्ता पीठेवाले की धर्मपत्नी स्व. श्रीमती कृष्णादेवी गुप्ता की चतुर्थ पुण्यतिथि पर नवलखा स्थित मनकामेश्वर काँटाफोड़ शिव मंदिर के सामने शासकीय कन्या उ.मा. विद्यालय, संयोगितागंज की 250 बालिकाओं को उनकी दैनिक जरूरत की वस्तुएं एवं अन्य उपहार भेंट करने हेतु आयोजित समारोह में व्यक्त किए। इस अवसर पर वरिष्ठ समाजसेवी एवं राष्ट्रपति पदक से सम्मानित रामदास गोयल, बालाजी ट्रस्ट के प्रमुख रामबाबू अग्रवाल, नंदलाल माहेश्वरी, स्नेह नगर विकास मंडल के अध्यक्ष वासुदेव मूंदड़ा, ब्रजेश गर्ग अतिथि के रूप में उपस्थित थे, जिन्होंने सरकारी स्कूल में पढने वाली बालिकाओं को उपहार भेंट करने के इस कदम की खुले मन से सराहना की। प्रारंभ में कृष्णा देवी गुप्ता पारमार्थिक ट्रस्ट के प्रमुख रमेश गुप्ता पीठेवाले, दीपक गुप्ता मोंटी, श्रीमती स्वाति गुप्ता, दिलीप गुप्ता, पवन गुप्ता, गुड्डू कोठारी एवं अन्य स्नेहीजनों ने अतिथियों के साथ विद्यालय के स्टाफ एवं अन्य सहयोगी बंधुओं का भी स्वागत किया। कार्यक्रम में अग्रवाल समाज के विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि एवं पदाधिकारी भी मौजूद थे, जिन्होंने बालिकाओं के उज्जवल भविष्य की मंगल कामनाएँ भी व्यक्त की। प्रारंभ में ट्रस्ट की ओर से समाजबंधुओं ने श्रीमती कृष्णादेवी गुप्ता के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर उनके प्रति श्रद्धा सुमन अर्पित किए। संचालन किया हेमन्त अग्रवाल ने और अंत में आभार माना संजय कुंजीलाल गोयल ने।
ट्रस्ट के प्रमुख दीपक गुप्ता मोंटी ने बताया कि श्रीमती कृष्णा देवी गुप्ता की पुण्यतिथि के अवसर पर ट्रस्ट की ओर से पिछले 3 वर्षों से प्रतिवर्ष सेवा कार्यों की श्रृंखला आयोजित की जा रही है। ट्रस्ट द्वारा चिकित्सा, शिक्षा एवं बुजुर्गों की सेवा के लिए विभिन्न सेवा कार्य आयोजित किए जा रहे हैं।
