सुबह बास्केटबाल स्टेडियम पर जैनाचार्यों और साधु-साध्वी-भगवंतों की निश्रा में होगी दीक्षा विधि संपन्न


इंदौर,। रेसकोर्स रोड स्थित बास्केटबाल स्टेडियम पर शनिवार को सुबह हैदराबाद-सिकंदराबाद के 21 वर्षीय युवा मुमुक्षु कौशिक कुमार खांटेड के सन्यास जीवन की राह धूमधाम से प्रशस्त हो गई, जब रेसकोर्स रोड स्थित उपाश्रय से जैनाचार्य प.पू. विजय पद्मभूषणरत्न सूरीश्वर म.सा., आचार्य देव प.पू. विजय जिनसुंदर सूरीश्वर म.सा. एवं आचार्य विजय धर्मबोधि सूरीश्वर म.सा. सहित 50 से अधिक साधु-साध्वी-भगवंतों की निश्रा में भव्य वरघोडा निकाला गया। एक सुसज्जित रथ पर सूट-बूट और अनेक गहनों से लदे मुमुक्षु कौशिक ने रथ पर आते ही अपने गृहस्थ जीवन में काम आने वाली वस्तुएं लुटाना शुरु कर दीं। रथ पर इस तरह की ढेरों सामग्री रखी हुई थी। बैंड-बाजों और परंपरागत वाद्ययंत्रों की मंगल ध्वनि के बीच जैसे-जैसे यह जुलूस आगे बढ़ता गया, जुलूस में शामिल 2 हजार से अधिक समाजबंधुओं और कौशिक के स्नेहीजनों का उत्साह भी बढ़ता गया। भजनों पर नाचते-गाते-झूमते युवाओं और महिलाओं का यह जत्था करीब 2 घंटे की यात्रा के बाद बास्केटबाल स्टेडियम पहुंचा जहाँ पहले से मौजूद समाजबंधुओं ने भगवान महावीर स्वामी और जैनाचार्यों तथा मुमुक्षु के जयघोष से समूचे स्टेडियम को गुंजायमान बनाए रखा।
समर्पण ग्रुप एवं युगप्रधान प्रवज्या महामहोत्सव समिति के तत्वावधान में आयोजित इस दीक्षा महोत्सव में बड़ी संख्या में दक्षिण भारत के विभिन्न शहरों के समाजबंधु भी आए हुए हैं। केशरिया साफा बांधे पुरुष और लाल चुनरी में सजी-धजी महिलाओं ने मुमुक्षु के इस जुलूस में जगह-जगह भक्ति से भरपूर अपने नृत्यों से समाजबंधुओं का उत्साह बनाए रखा। रेसकोर्स रोड उपाश्रय से यह जुलूस यशवंत निवास रोड से लेन्टर्न चौराहा, अभय प्रशाल एवं विकास प्राधिकरण भवन से होते हुए जुलूस बास्केटबाल स्टेडियम पहुंचा, जहाँ ओसवाल जैन साधना साथ युवा संघ, धर्म तिलक परिवार तिलक नगर, वीरमणि युवा संगठन एवं समर्पण ग्रुप के सेवाभावी युवा साथियों ने विभिन्न व्यवस्थाएं संभाली और मुमुक्षु तथा बाहर से आए मेहमानों की आत्मीय अगवानी की। इस अवसर पर समर्पण ग्रुप की ओर से विनोद जैन, रितेश जारोली, सोमिल कोठारी, मनीष शाह, रेसकोर्स रोड जैन श्रीसंघ की ओर से यशवंत जैन, प्रकाश भटेवरा, कीर्ति भाई डोसी, प्रवीण गुरूजी, डॉ. हंसमुख गांधी, विकास गांधी, निमेश भाई शाह सहित अनेक जैन श्री संघों के प्रतिनिधि और पदाधिकारी भी मौजूद थे।
स्टेडियम पहुँचने पर जैनाचार्यों की निश्रा में मुमुक्षु कौशिक कुमार के बैठा वर्षीदान की रस्म संपन्न की गई और दीक्षा महोत्सव के मुख्य चढ़ावे भी संपन्न हुए। दोपहर में मुमुक्षु ने संसारी वेश में अंतिम भोजन किया। वहीँ शाम को संसार से संयम की ओर आगे बढ़ते हुए अपने सभी परिजनों, मातुश्री पुष्पाबाई सुकनराज खांटेड, दाखू बाई, अभय कुमार खांटेड, मिश्रिमल, महेंद्र कुमार, उत्तम चंद एवं संजय कुमार खांटेड, भुआ लीलाबाई मूथा, मामा संघवी मांगीलाल कोठारी एवं रंगराज कोठारी, जन्मदाता संगीता-महेंद्र गिरिया, बहनों कुसुम मूथा, वनिता मखाणा, वसंता कोठारी एवं पिंकी बम्बोली सहित अपने सभी नजदीकी रिश्तेदारों और स्नेहीजनों से भावपूर्ण बिदाई ली। बिदाई का यह दृश्य अत्यंत भावप्रधान बना रहा। मुंबई के शासन बाई और दर्शित भाई के भक्ति भाव से भरपूर संगीत की सुर लहरियों के बीच यह आयोजन संपन्न हुआ।
आज मुख्य दीक्षा : समर्पण ग्रुप के अनिल मेहता, जयंती श्रीश्रीमाल, संजय गांधी एवं शैलेन्द्र सुराना ने बताया कि मुमुक्षु कौशिक कुमार की दीक्षा की मुख्य विधि रविवार को सुबह 7 बजे से जैनाचार्यों एवं 50 से अधिक साधु-साध्वी-भगवंतों की निश्रा में प्रारम्भ होगी। इस दौरान मुमुक्षु कौशिक अपना वेश परिवर्तन भी करेंगे, केशलोच विधि भी होगी और जैनाचार्यों के निर्देशन में रजोहरण ग्रहण कर अपना नया नाम प्राप्त कर जैन मुनि बन जाएँगे। उनके इस दीक्षा समारोह में शामिल होने के लिए दक्षिण भारत के विभिन्न शहरों के समाज बंधु इंदौर आए हुए हैं।
