अपने बुजुर्ग माता-पिता की सेवा एवं देखभाल करने के संकल्प
के बीच मना जिझौतिया ब्राहमण समाज का अन्नकूट महोत्सव

इंदौर, 4 नवंबर। श्री जिझौतिया ब्राह्मण समाज इंदौर ने अपने अन्नकूट महोत्सव में समाज के सभी आयु वर्ग के बंधुओं को अपने वृद्ध माता-पिता की सेवा एवं देखभाल करने का संकल्प दिलाया। एयरपोर्ट रोड स्थित हंसदास मठ पर समाज के प्रदेशाध्यक्ष पं. प्रहलाद किशोर मिश्रा के मार्गदर्शन में इस अवसर पर पिछले 44 वर्षों से समाज की निष्काम सेवा करने वाले पं. रमेश लिटौरिया को समाज का शीर्ष सम्मान “जिझौतिया ब्राह्मण रत्न अलंकरण – 2025” से सम्मानित भी किया गया।
जिझौतिया ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष पं. दिनेश पुरोहित, सचिव पं. अशोक रिछारिया एवं पं. सुनील मिश्रा ने बताया कि इस अवसर पर राष्ट्रकवि पं. सत्यनारायण सत्तन, राज्य शासन के म.प्र. परशुराम कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष पं. विष्णु राजोरिया, प्रदेश संयोजक पं. राकेश चतुर्वेदी, पं, सदीप तिवारी भोपाल भी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे, जिन्होंने महामंडलेश्वर स्वामी रामगोपालदास, हंसदास मठ के महामंडलेश्वर महंत पवन दास, विश्व ब्राह्मण समाज संघ के अध्यक्ष पं. योगेन्द्र महंत, परशुराम महासभा के अध्यक्ष पं. गोविंद शर्मा, आद्यगौड़ ब्राह्मण सेवा न्यास के पं. सुरेश व्यास, पं. विकास अवस्थी एवं पं, अनूप शुक्ला की मौजूदगी में पं. रमेश लिटौरिया को सर्वोच्च सम्मान से अलंकृत किया, वहीँ अपने दिवंगत अध्यक्ष पं. अरुण कुमार तिवारी के परिवार को “ स्मृति शेष” श्रृंखला में सम्मानित कर उनके द्वारा किए गए सेवा कार्यों की सराहना की । इस अवसर पर अन्नकूट महोत्सव में समाज के वरिष्ठ पं. के.के. चतुर्वेदी, टी.डी. चौबे, पं. रवि तिवारी, पं. अशोक दुबे, श्रीमती कनक पटेरिया, पं. हरिनारायण शास्त्री, पं. लक्ष्मीनारायण पटेरिया, पं. हरिनारायण रिछारिया, पं. मुकेश मिश्रा, पं. अभिषेक मिश्रा, पं. रमेश रिछारिया, पं. अजय पुरोहित, पं. नरेन्द्र तिवारी, पं. सुनील मिश्रा सहित सैकड़ों समाजबंधुओं ने भगवान परशुराम एवं अन्य देवी-देवताओं को 56 भोग समर्पित कर महाआरती में भाग लिया।
महोत्सव का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह था कि संतों की मौजूदगी में समाज के वरिष्ठजनों ने सभी उपस्थित लोगों को संकल्प दिलाया कि वे अपने वृद्ध माता-पिता की सेवा एवं देखभाल करेंगे और उन्हें ईश्वर के समान आदर-भाव देकर अंतिम क्षणों तक उनकी सेवा करते रहेंगे। कार्यक्रम का संचालन अध्यक्ष पं. दिनेश पुरोहित ने किया और आभार माना सचिव पं. अशोक रिछारिया ने।
