राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती विजया रहाटकर की अध्यक्षता में बैठक संपन्न

इंदौर
राष्ट्रीय महिला आयोग, नई दिल्ली द्वारा कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध एवं निवारण) अधिनियम 2013 (POSH ACT) पर इंदौर संभाग अंतर्गत गठित स्थानीय एवं आंतरिक समितियों हेतु एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन AICTSL के सभाकक्ष, इंदौर में किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती विजया रहाटकर ने की।
इंदौर संभाग के 08 जिलों की स्थानीय एवं आंतरिक समितियों के अध्यक्ष एवं सदस्य कार्यशाला में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के प्रारंभ में जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग इंदौर श्री रजनीश सिन्हा द्वारा श्रीमती विजया रहाटकर तथा सुश्री कनिका का पुष्प-गुच्छ देकर स्वागत किया गया।
कार्यशाला के दौरान श्रीमती विजया रहाटकर द्वारा POSH अधिनियम 2013 के विभिन्न प्रावधानों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। उन्होंने बताया कि शासकीय, अशासकीय एवं निजी कार्यालयों में जहाँ 10 या अधिक कर्मचारी पदस्थ हों, वहाँ आंतरिक समिति का गठन अनिवार्य है। समिति का गठन न होने पर संबंधित संस्था पर 50,000 रुपए तक के दंड का प्रावधान है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन कार्यालयों में 10 से अधिक पुरुष कर्मचारी भी हों, वहाँ समिति गठन अनिवार्य है। साथ ही, असंगठित क्षेत्र की महिलाएँ भी अपनी शिकायत स्थानीय समिति के समक्ष दर्ज करा सकती हैं। उन्होंने बताया कि आंतरिक अथवा स्थानीय समिति के समक्ष प्रस्तुत शिकायतों में शिकायतकर्ता एवं प्रतिवादी दोनों की गोपनीयता बनाए रखना अनिवार्य है। ऐसा न किए जाने पर समिति पर भी 50,000 रुपए तक के दंड का प्रावधान है। POSH अधिनियम के व्यापक प्रचार-प्रसार, समितियों की नियमित बैठकें आयोजित करने तथा कार्यस्थल पर महिलाओं के लिए सरल एवं सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। कार्यशाला में श्रीमती विजया रहाटकर ने समितियों के अध्यक्षों एवं सदस्यों के साथ संवाद कर कार्यस्थल पर सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने में समितियों की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की।
कार्यक्रम के अंत में सहायक संचालक, महिला एवं बाल विकास विभाग इंदौर श्रीमती मधुमति धुलधौये द्वारा श्रीमती विजया रहाटकर एवं सभी उपस्थित अतिथियों व समितियों के सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यशाला का समापन किया गया।
