
जनजातीय समाज के सभी पर्व-उत्सवों को हर्षोल्लास के साथ मनाया जाये- केन्द्रीय मंत्री श्रीमती ठाकुर
टंट्या मामा की प्रतिमा पर किया माल्यार्पण
इंदौर
क्रांति सूर्य जन नायक टंट्या मामा के बलिदान दिवस पर इंदौर के खंडवा रोड़ स्थित देवी अहिल्या विश्वविद्यालय ऑडिटोरियम में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर, जनजातीय कार्य विभाग मंत्री डॉ. विजय शाह विशेष रूप से शामिल हुए। कार्यक्रम का आयोजन जनजातीय कार्य विभाग इंदौर ने किया। इस अवसर पर मंत्री श्रीमती ठाकुर ने कहा कि केन्द्र सरकार के नेतृत्व में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। केन्द्र सरकार और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को जमीन पर उतारा जा रहा है। इन योजनाओं के तहत पात्र हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्के मकान दिये जा रहे है। संविधान निर्माता डॉ. बाबा साहब भीम राव अम्बेडकर के सपनों को पूरा किया जा रहा है। संविधान का पालन हो रहा है। उन्होंने कहा कि देश को आजाद कराने में हमारे जनजातीय समाज के नायकों ने कई प्रकार की भूमिकाएं निभाई है। इसमें क्रांति सूर्य जन नायक टंट्या मामा से लेकर बिरसा मुण्डा, शंकर शाह, तिलक माझी आदि जनजातीय समाज के नायक शामिल है। हमारा कर्तव्य है कि हम जनजातीय समाज की संस्कृति और परम्परा को सुरक्षित रखें। जनजातीय समाज के पर्व-उत्सव और त्यौहारों को हर्षोल्लास के साथ मनायें। इन उत्सवों को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश भर में मनाया जा रहा है।
जनजातीय कार्य विभाग मंत्री डॉ. विजय शाह ने कहा कि जनजातीय समाज का एक गौरवशाली इतिहास है। जो हर जनजातीय समाज के व्यक्ति को जरूर पढ़ना चाहिए। जनजातीय समाज में बिरसा मुण्डा, टंट्या मामा, शंकर शाह, रघुनाथ शाह आदि जन नायक हुए है, जिन्होंने देश को आजाद कराने में अपना अमूल्य योगदान दिया है। ऐसे जननायकों को शैक्षणिक पाठ्यक्रम में शामिल किया जाना चाहिए। मंत्री डॉ. शाह ने कहा कि जनजातीय समाज की प्रगति और उत्थान के लिये राज्य शासन लगातार कार्य कर रहा है। जनजातीय समाज के बच्चों को स्कूली शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा में अध्ययन हेतु विभिन्न प्रकार की योजनाएं चलाई जा रही है। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज के विद्यार्थियों के लिये इंदौर जिले में प्रशिक्षण केन्द्र और छात्रावास भवन बनाए जायेंगे। इसके लिये बायपास रोड़ पर जमीन चिन्हित कर ली गई है। इन छात्रावासों में ऐसे विद्यार्थी निवास करेंगे जो संघ लोक सेवा आयोग, नीट, आईआईटी जेईई, क्लैट आदि उच्च स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल होना चाहते है। इसके लिये 25 छात्र और 25 छात्राओं का चयन किया जायेगा। अगले वर्ष से ये छात्रावास संचालित हो जायेंगे। राज्य शासन ऐसे चयनित छात्रों का सम्पूर्ण व्यय स्वयं वहन करेगा। उक्त परीक्षाओं की तैयारियों के लिये जनजातीय समाज के छात्र-छात्राओं को दो वर्ष तक छात्रावास में रह सकेंगे। इंदौर के अलावा इसी तरह के छात्रावास भोपाल, शहडोल, जबलपुर आदि शहरों में भी शुरू किये जायेंगे। मंत्री श्री शाह ने कहा कि जनजातीय समाज के जो छात्र उच्च अध्ययन (पीएचडी) के लिये विदेश में जाना चाहते है उनके अध्ययन का व्यय भी राज्य शासन वहन करेगा।
कार्यक्रम में लोक कलाकार प्रदीप चौबे ने जनजातीय समाज के लोकप्रिय गीतों की संगीतमय प्रस्तुति दी। इसके पूर्व क्रांति सूर्य जन नायक टंट्या मामा की जीवन पर केन्द्रित डाक्यूमेंट्री प्रदर्शित की गई। कार्यक्रम में महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, विधायक श्री मनोज पटेल, सतना के विधायक श्री विक्रम सिंह, श्री गौरव रणदिवे, श्री पंकज टेकाम, डॉ. निशांत खरे, जनजातीय कार्य विभाग के डिप्टी कमिश्नर श्री ब्रजेश कुमार पाण्डे, श्रीमती मनीषा मिश्रा सहित जनजातीय समाज के विद्यार्थी उपस्थित थे।
टंट्या मामा की प्रतिमा पर किया माल्यार्पण
कार्यक्रम के पूर्व जनजातीय कार्य विभाग मंत्री डॉ. विजय शाह ने टंट्या मामा चौराहा (भंवरकुंआ) स्थित क्रांति सूर्य जननायक टंट्या मामा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, विधायक श्री मधु, श्री मनोज पटेल, श्री गौरव रणदिवे, डाॅ. निशांत खरे सहित जनजातीय शासकीय सीनियर छात्रावास के विद्यार्थी उपस्थित थे।
