पुलिस ने सूदखोर पर केस दर्ज किया, मृतक के मोबाइल रिकॉर्डिंग में मिले धमकाने के सबूत
इंदौर जूनी इंदौर थाना इलाके की राजमहल कॉलोनी में गत दिनों २५ वर्षीय युवक द्वारा की गई आत्महत्या के मामले में जांच के बाद पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने और अवैध सूदखोरी के आरोप में कर्जदाता के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। मृतक के मोबाइल में मिली वॉयस रिकॉर्डिंग और संदेशों ने साबित कर दिया कि कर्ज वसूली का अत्यधिक दबाव ही युवक की मौत का कारण बना। जूनी इंदौर थाना पुलिस ने आरोपी सूदखोर किरण यादव निवासी बीजलपुर के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है।एसीपी विजय चौधरी ने बताया कि गत २५ अक्टूबर को ऋतिक नामक युवक का शव निमार्णाधीन मकान नंबर ४० में चौकीदार ने देखा था।प्रारंभिक जाँच में शव हाथ-पैर रस्सी से बंधे और मुंह पर कपड़ा बंधा होने के कारण मामला संदिग्ध लग रहा था, लेकिन पीएम रिपोर्ट में मौत का कारण एंटी मॉर्टम हैंगिंग से हुई एस्फिक्सिया (आत्महत्या) बताया गया।जाँच के दौरान मृतक की जेब से मिले मोबाइल ने पूरे मामले की दिशा बदल दी। परिजनों पत्नी संगीता, पिता मनीराम, माँ अनीता और भाइयों के बयानों के साथ मोबाइल में मौजूद रिकॉर्डिंग और मैसेजेस से पता चला ऋतिक ने आरोपी किरण यादव से १५ प्रतिशत ब्याज पर ५० हजार रुपये उधार लिए थे।इसके बदले किरण यादव उस पर ५ लाख ५० हजार रुपए लौटाने के लिए लगातार दबाव बना रहा था। रिकॉर्डिंग में आरोपी द्वारा गालीगलौच, धमकाने और लगातार रुपए माँगने की बात साफ सुनाई दी। पुलिस के मुताबिक, यही अत्यधिक तनाव अंतत: ऋतिक की आत्महत्या की वजह बना। आरोपी के खिलाफ अब वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
