

ईडब्ल्यूएस क्रांति के जनक श्री अनुराग प्रताप सिंह राघव द्वारा मध्यप्रदेश में ईडब्ल्यूएस सरलीकरण आंदोलन को नई दिशा
इंदौर। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) को प्रदान किए जा रहे आरक्षण में व्याप्त जटिलताओं और विसंगतियों को दूर करने की मांग को लेकर ईडब्ल्यूएस क्रांति के जनक तथा श्री राजपूत करणी सेना के प्रमुख *श्री अनुराग प्रताप सिंह राघव* ने प्रदेशव्यापी आंदोलन को एक संगठित और सशक्त स्वरूप प्रदान किया है।श्री राघव ने समाज की पीड़ा और भ्रमित करने वाली प्रक्रियाओं को समझते हुए शासन-प्रशासन से कई दौर की चर्चाएँ कीं, किंतु अपेक्षित समाधान न मिलने पर उन्होंने संविधान सम्मत, अनुशासित तथा शांतिपूर्ण तरीके से इस मुद्दे को जनता और सरकार के समक्ष उठाने का निर्णय लिया।
*प्रदेशभर में ईडब्ल्यूएस क्रांति का बिगुल*
ईडब्ल्यूएस क्रांति की शुरुआत मध्यप्रदेश में सर्वप्रथम की गई।
श्री राघव ने पहला आंदोलन *उज्जैन* में और दूसरा *इंदौर* शहर में मशाल यात्रा के रूप में में आयोजित किया।
अब इस क्रांति को पूरे प्रदेश में क्रमबद्ध तरीके से अलग-अलग माध्यमों और अभियानों के जरिये विस्तृत किया जाएगा, जिससे ईडब्ल्यूएस वर्ग के वास्तविक हितों की पूर्ति हो सके।
श्री राघव का स्पष्ट कहना है कि“जब तक ईडब्ल्यूएस सरलीकरण लागू नहीं होता और समाज को वास्तविक लाभ नहीं मिलता, तब तक यह क्रांति निरंतर जारी रहेगी।”*
वे इस मिशन में अपना पूरा समय, ऊर्जा और समर्पण दे रहे हैं ताकि स्वर्ण समाज को EWS व्यवस्था का सही और वास्तविक लाभ प्राप्त हो सके।
*मुख्य मांगें
1. *EWS प्रमाण पत्र की वैधता 3 वर्ष* निर्धारित की जाए।
2. *सरकारी नौकरियों में आयु सीमा में छूट* प्रदान की जाए।
3. *रुकी हुई भर्तियों को तुरंत लागू* किया जाए।
4. EWS वर्ग के विद्यार्थियों को *स्कॉलरशिप की सुविधा* उपलब्ध कराई जाए।
5. मेडिकल सहित सभी शिक्षण संस्थानों में
*EWS के तहत प्रवेश शुल्क में विशेष रियायत* प्रदान की जाए।
6. *EWS कोटा 10% से बढ़ाकर 20%* किया जाए।
ईडब्ल्यूएस क्रांति का मुख्य उद्देश्य है कि आर्थिक रूप से कमजोर स्वर्ण समाज को आरक्षण की वह सुविधा मिले जिसके लिए यह प्रावधान बनाया गया है।
सरलीकरण की मांग केवल सुविधा की नहीं, बल्कि *न्याय, पारदर्शिता और समान अवसर* की मांग है।
श्री राघव ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसी भी प्रकार के संघर्ष या असामाजिक गतिविधियों से दूर रहेगा और पूर्णतः संवैधानिक दायरे में चलाया जाएगा।
यात्रा मार्ग
राजवाड़ा अहिल्या प्रतिमा से यात्रा प्रारंभ हुई जो नगर निगम,एमजी रोड गांधी हाल होते हुए रीगल पर समाप्त हुई।
