‘’जल जीवन मिशन’’ से विकासखण्ड सोनकच्छ के ग्राम सोनकच्छी में हर घर मिल रहा है नल से शुद्ध जल
देवास जिला अब गांव-गांव में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता में आत्म निर्भर होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। केन्द्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा गावों में जल जीवन मिशन के सफल क्रियान्वयन से ग्रामीण परिवारों की जिंदगी में बदलाव नजर आने लगा है। जिले में स्वच्छ एवं सुलभ पेयजल आपूर्ति से घर बैठे उपलब्ध होने से कई सारी समस्याओं का समाधान हो रहा है। इसी कड़ी में देवास जिले के विकासखण्ड सोनकच्छ का ग्राम सोनकच्छी अब आत्मनिर्भरता की श्रृंखला में शामिल हो चुका है। ग्राम सोनकच्छी में रहने वाले सभी परिवारों को नल के माध्यम से शुद्ध पानी मिल रहा है। ग्राम जनसंख्या के आधार पर बहुत ही छोटा ग्राम है ग्राम में कुल परिवारों की संख्या 66 जिसमें कुल 330 ग्रामीणजन निवास कर रहे है। ग्राम में जल जीवन मिशन से पूर्व पेयजल का संकट बना रहता था। वर्तमान में जल जीवन मिशन के अंतर्गत नलजल योजना के प्रारंभ होने से सभी 66 परिवारों को पर्याप्त, नियमित एवं स्वच्छ जल उपलब्ध हो रहा है। जल जीवन मिशन के तहत लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा गाँव में सर्वेक्षण किया। ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए यहाँ 29 लाख 97 हजार रुपये की लागत से एक व्यापक नल-जल योजना स्वीकृत की गई। योजना अंतर्गत ग्राम में पानी के भंडारण के लिए एक सम्पवैल (पानी की टंकी) का निर्माण किया गया एवं विरतण नलिकाओं के माध्यम से ग्राम के प्रत्येक परिवार में अप्रैल 2025 से ग्रामवासियों को नल से जल उपलब्ध हो रहा है। ग्राम पंचायत के सचिव श्री अजुन सिंह बताते है कि ग्राम में ‘’जल जीवन मिशन’’ योजना आने के पूर्व ग्रामवासियों को पानी के लिए बहुत संघर्ष करना पड़ता था। ग्राम में 8 से 10 व्यक्तिगत नलकूप थे, जिसके माध्यम से ग्राम में शेष परिवार पेयजल की आपूर्ति करते थे। पंरतु वर्तमान में अब हमे नल से जल निरंतर उपलब्ध हो रहा है एवं ग्रामीणजनों में खुशी की लहर छाई है। ग्राम की श्रीमती पूजा बताती है कि एक समय था जब महिलाओं का पानी के लिए संघर्ष करना पडता था। घर की महिलाओं और बेटियों का अधिकांश समय पानी का इंतजाम करने में ही बीत जाता था। गर्मी के दिनों में जब भू-जल स्तर गिर जाता था, तो उन्हें पीने के पानी के लिए दूर-दूर तक भटकना पड़ता था। परंतु अब हर घर में जल उपलब्ध हो रहा है, अब ग्रामीणों को पानी के लिए कतारों में नहीं लगना पड़ता। अब सुबह उनके आंगन में लगे नल से साफ पानी आता है। महिलाओं को बहुत राहत मिली है गाँव की महिलाओं के सिर से पानी के बर्तन का बोझ उतर गया है। अब वे अपना बचा हुआ समय परिवार, बच्चों की शिक्षा और अन्य आर्थिक गतिविधियों में लगा पा रही हैं। सामुदायिक भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से ग्राम में पेयजल एवं स्वच्छता का गठन किया गया है, जो जल वितरण और रखरखाव की निगरानी करती है एवं योजना के निरंतर संचालन के लिये 100 रूपये प्रतिमाह प्रति कनेक्शन मासिक सुविधा शुल्क भी संग्रहण कर रही है। सोनकच्छ ब्लॉक के ग्राम सोनकच्छी की यह कहानी साबित करती है कि सही कार्यान्वयन और सामुदायिक भागीदारी से जल जीवन मिशन न केवल प्यास बुझा रहा है, बल्कि ग्रामीण भारत के जीवन स्तर को भी ऊपर उठा रहा है। देवास जिले में सभी ग्राम अब हर घर जल ग्राम बनने की ओर अग्रसर हैं।