शहर के 200 श्रद्धालु 16 से 22 दिसम्बर तक
श्रीशैलम में सुनेंगे शिव महापुराण – आज होंगे प्रस्थित
इंदौर।
दक्षिण भारत के श्रीशैलम स्थित मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग पर 16 से 22 दिसम्बर तक शिव महापुराण कथा सत्संग का आयोजन होने जा रहा है, जिसमें इंदौर के करीब 200 श्रद्धालु शामिल होंगे। भागवताचार्य पं. आयुष्य दाधीच यहाँ व्यास पीठ पर विराजित होकर भगवान शिव की साक्षी में शिव महापुराण कथा सुनाएँगे। ये सभी श्रद्धालु रविवार 14 दिसम्बर को रात 8 बजे यशवंतपुर साप्ताहिक ट्रेन से प्रस्थान कर 15 दिसम्बर को करनूल पहुंचकर बस द्वारा श्रीशैलम पहुंचेंगे। कथा के दौरान मल्लिकार्जुन में पार्थिव शिवलिंग पूजन एवं माँ जगदम्बा के 1 हजार नामों से सामूहिक अर्चन, दीपदान सहित विभिन्न अनुष्ठान भी होंगे।
आयोजन से जुड़े महेश मुकाती, मुकेश पाटीदार एवं भरत पाटीदार ने बताया कि इसके पूर्व अब तक हरिहर सेवा मंडल द्वारा देश के 9 तीर्थ स्थलों पर भागवत, राम कथा एवं शिव पुराण सहित विभिन्न सत्संग इंदौर के भक्तों के साथ सम्पन्न हो चुके हैं। इसकी शुरुआत वर्ष 2019 में द्वारका धाम से हुई। 2020 में जगन्नाथ पुरी, 2022 में श्रीराम जन्मभूमि अयोध्या और रामेश्वरम, 2023 में पशुपतिनाथ (नेपाल), 2023 में ही काशी विश्वनाथ, 2024 में बद्रीनाथ धाम एवं वृन्दावन धाम तथा इसी वर्ष 2025 में माँ कामख्या धाम (गुवाहाटी) में सम्पन्न हो चुके हैं। इन सभी स्थानों पर आवास, भोजन एवं परिवहन की व्यवस्था पहले से तय कर ली गई थी। फलस्वरूप इंदौर एवं मालवांचल से पहुंचे भक्तों को किसी तरह की असुविधा नहीं हुई और इन सभी तीर्थस्थलों पर कथा श्रवण का पुण्य लाभ वे अब तक उठा चुके हैं। इन सभी आयोजनों का मुख्य उद्देश्य देव दर्शन के साथ देश दर्शन भी रहा है ताकि सभी लोग देव के साथ देश के दर्शन भी कर सकें।
अब 16 से 22 दिसम्बर तक श्रीशैलम मल्लिकार्जुन की यात्रा की तैयारियां भी पूरी हो चुकी है। इसके साथ ही अगले वर्ष 2026 में श्रीराम जन्मभूमि अयोध्या में भी समाज सेवी रामचंद्र सैनी परिवार के सहयोग से श्रीराम कथा का दिव्य आयोजन भी होने जा रहा है और उसकी भी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। श्री नागर चित्तौड़ा महाजन समाज के विमल हेतावल भी इन अनुष्ठानों में सहभागी बने हैं।
श्रीशैलम में शिव महापुराण कथा श्रवण के साथ वहां जाने वाले श्रद्धालु भ्रामराम्बा शक्तिपीठ, साक्षी गणपति, हाटकेश्वरम, ललिता पीठम, पातालगंगा, कृष्णा नदी, इष्ट कामेश्वरी मंदिर, रूद्रवनम हैदराबाद तथा रामोजी फिल्म सिटी के दर्शनों का भी लाभ उठाएँगे। ये सभी श्रद्धालु रविवार को रात 8 बजे यशवंतपुर ट्रेन से प्रस्थित होंगे और सोमवार 15 दिसम्बर को करनूल पहुंचकर वहां से बसों द्वारा श्रीशैलम पहुंचेंगे। वापसी 22 दिसम्बर को दोपहर 2 बजे श्रीशैलम से हैदराबाद से दक्षिण सुपर फ़ास्ट ट्रेन से भोपाल एवं वहां से 23 दिसम्बर को शाम 5 बजे भोपाल से इंदौर आएंगे।
