
इंदौर में जनसमस्याओं के त्वरित समाधान की मिसाल बन रही है जनसुनवाई
कलेक्टर शिवम वर्मा की उपस्थिति में परिणाममुखी जनसुनवाई के प्रति लोगों का बढ़ रहा विश्वास
इंदौर
कलेक्टर शिवम वर्मा की विशेष उपस्थिति में प्रत्येक मंगलवार आयोजित की जाने वाली जनसुनवाई अब जन आकांक्षाओं पर खरी उतर रही है। जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण के कारण आमजन का शासन-प्रशासन पर विश्वास लगातार बढ़ रहा है। लोगों की समस्याएँ तेजी से सुलझ रही हैं और आवेदनकर्ताओं को तत्काल राहत मिल रही है।
आज की जनसुनवाई में अपनी समस्याओं के समाधान के लिए आए अनेक नागरिकों ने समाधान मिलने पर कलेक्टर श्री वर्मा को शाल, श्रीफल और पुष्पगुच्छ भेंटकर आभार व्यक्त किया। लोगों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और जिला प्रशासन की संवेदनशील कार्यप्रणाली की सराहना की।
जनसुनवाई में प्राप्त 315 आवेदनों में से अधिकांश का मौके पर ही समाधान
कलेक्टर श्री वर्मा ने कहा कि आज जनसुनवाई में 315 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से अधिकांश का मौके पर ही निराकरण सुनिश्चित किया गया। ऐसी समस्याएं जो मौके पर निराकृत नहीं हो पाई उनके निराकरण के लिये समय-सीमा तय की गई। समस्याओं के निराकरण की प्रति सप्ताह समीक्षा की व्यवस्था भी की गई। उन्होंने बताया कि आज अधिकांश मामले पारिवारिक, भूमि विवाद, आर्थिक सहायता, स्वास्थ्य सहायता सहित विभिन्न विषयों के आए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के स्पष्ट निर्देश है कि जनसुनवाई में प्राप्त हर आवेदन का समय पर और उचित निराकरण हो। जिला प्रशासन इसी दिशा में कटिबद्ध होकर कार्य कर रहा है।
ग्राम गाजिन्दा की समस्याओं का समाधान: सरपंच और ग्रामीणों ने कलेक्टर का स्वागत कर जताया आभार
जिले के ग्राम गाजिन्दा के ग्रामीणों और सरपंच ने आज जनसुनवाई में पहुंचकर कलेक्टर का आभार व्यक्त किया। उन्होंने आभार स्वरूप कलेक्टर को शाल, श्रीफल और पुष्पगुच्छ भेट कर स्वागत किया। जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण के लिये कलेक्टर श्री वर्मा ने विगत माह में गांव पहुंचकर लगाई गई जिले की पहली रात्रि चौपाल में ग्रामीणों की समस्याएँ सुनी गई थीं। उन्होंने त्वरित निराकरण के लिये आश्वस्त किया था। कलेक्टर श्री वर्मा के निर्देश पर एक माह में ही लगभग सभी समस्याएं निराकृत हो गई। सरपंच श्रीमती ज्योति मीणा और ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और कलेक्टर श्री वर्मा के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि गांव में चौपाल में ग्रामीणों द्वारा की गई मांग पर श्मशान घाट का निर्माण हो गया है। गांव में रोड़ बन गई है। स्कूल की बॉउंड्रीवाल का निर्माण हो गया है। गांव में अवैध शराब की बिक्री पूरी तरह बंद हो गई है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 395 हितग्राहियों के नाम जुड़ गए है।
दिव्यांगों खिलाड़ियों और युवाओं के मुद्दों पर भी त्वरित सहायता
आज जनसुनवाई में ब्लाइंड फुटबाल और गोल बाल टीम के सदस्य भी पहुंचे। कलेक्टर श्री वर्मा को उन्होंने अपनी उपलब्धियां साझा की। खिलाड़ियों ने बताया कि उन्होंने राष्ट्रीय स्तर की अनेक प्रतियोगिताओ में बेहतर प्रदर्शन किया है। कलेक्टर श्री वर्मा ने भविष्य में और अधिक बेहतर प्रदर्शन के लिये उन्हें अधिकतम सहायता देने की बात कही। कलेक्टर श्री वर्मा ने प्रोत्साहन स्वरूप उन्हें विशेष बॉल के लिये 20 हजार रूपये, ट्रेक सूट और खेल के अन्य साधन-सुविधाओं के लिये 50 हजार रूपये स्वीकृत किये। खिलाड़ियों ने आश्वस्त किया कि यह सहायता उनके लिये मददगार होगी तथा भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन करेंगे। इसी तरह साउथ अफ्रीका में हुई पेंटाथलॉन खेल स्पर्धा में पदक जीतने वाली इंदौर की बेटी भूमि अग्रवाल भी कलेक्टर श्री वर्मा से जनसुनवाई में पदक सहित मिली। उसमें इंदौर जिले में जिला प्रशासन द्वारा खेल गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिये किये जा रहे कार्यों की सराहना की। उसने कलेक्टर श्री वर्मा के प्रति आभार व्यक्त किया। कलेक्टर श्री वर्मा ने इस प्रतिभाशाली खिलाड़ी को हर संभव सहायता के लिये आश्वस्त किया।
दिव्यांग युवक संदीप सुमराह को मिला संपत्ति का हक
जनसुनवाई में आज एक दिव्यांग युवक संदीप सुमराह भी अपनी समस्याओं के निराकृत होने पर कलेक्टर श्री वर्मा के प्रति आभार व्यक्त करने कलेक्ट्रेट पहुंचा। संदीप ने बताया कि उसने पिछली जनसुनवाई में अपनी पैतृक संपत्ति का हक दिलवाने के लिये आवेदन दिया था। एक सप्ताह के भीतर ही उसे अपनी पैतृक संपत्ति का हक मिल गया। आज जब वह धन्यवाद देने के लिये कलेक्टर श्री वर्मा से मिला तो उसने अपनी दूसरी समस्या भी बताई। इस दिव्यांग बालक ने बताया कि वह 18 वर्ष की उम्र तक युगपुरूष धाम संस्था में रह रहा था। उम्र पूरी होने पर दिव्यांग बालक अब एक किराये के मकान में अपने 5 साथियों सहित रह रहा है। इसका किराया युगपुरूष धाम की सुश्री अनिता शर्मा द्वारा वहन किया जा रहा है। रोजगार के लिये वह इंदौर में ही रहना चाहता है। कलेक्टर श्री वर्मा ने तुरंत ही उसे प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास स्वीकृति के निर्देश दिये। पैतृक संपत्ति वापस दिलाने तथा प्रधानमंत्री आवास योजना में आवास स्वीकृत कराने पर उसने प्रशासन के प्रति आभार जताया।
कलेक्टर श्री वर्मा ने कहा कि जनसुनवाई केवल समस्या सुनने का माध्यम ही नहीं, बल्कि समाधान देने की प्रक्रिया है। हमारा प्रयास है कि हर नागरिक की समस्या का तुरंत और उचित निराकरण हो तथा किसी को परेशान न होना पड़े।
