रेडीमेड कपड़ा व्यापारियों के साथ करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के खिलाफ क्राइम ब्रांच ने बड़ी सफलता हासिल की है। क्राइम ब्रांच के अनुसार, फरियादी मुकेश सहित अन्य व्यापारियों ने शिकायत दर्ज कराई थी कि जुलाई अगस्त२०२४ से मार्च-२०२५ के बीच आरोपियों ने खुद को विश्वसनीय ब्रोकर बताया था। उन्होंने इंदौर के व्यापारियों को झांसा दिया कि वे राज्य के बाहर की बड़ी फर्मों से उन्हें बड़े ऑर्डर दिलवाएंगे और ३० से ४५ दिनों के भीतर भुगतान सुनिश्चित कराएंगे। पार्टियों को भरोसेमंद बताकर आरोपियों ने व्यापारियों का विश्वास हासिल किया और करोड़ों का माल उधारी में उठवा लिया। दर्जनों फर्मों को लगाया करोड़ों का चूना- जांच में सामने आया कि आरोपियों ने गुड बॉय, दीप दर्शन ट्रेडर्स, अद्विक क्रिएशन, बालाजी
अपैरल्स, रितिक फैशन और वंदना क्रिएशन सहित करीब १६ से अधिक स्थानीय फर्मों से माल उठवाया था। यह माल वीआर ट्रेडिंग, साई इम्पेक्स, राशि कलेक्शन और जुबिया टेक्सटाइल जैसी बाहरी फर्मों को भिजवाया गया। सुरक्षा के तौर पर जो चेक व्यापारियों को दिए गए थे, वे भी बाउंस हो गए। व्यापारियों को जब महीनों बाद भी भुगतान नहीं मिला, तब उन्हें ठगी का अहसास हुआ। मुंबई में छिपकर काट रहे थे फरारी मामला दर्ज होने के बाद से ही आरोपी फरार थे और मुंबई में ठिकाने बदल-बदल कर रह रहे थे। क्राइम ब्रांच की टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर घेराबंदी कर आरोपी तारिक खान और पंकज अग्रवाल दोनों निवासी मुंबई को अपनी गिरफ्त में ले लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। पुलिसअब इन आरोपियों से अन्य सहयोगियों और ठगी की रकम के संबंध में विस्तृत पूछताछ कर रही है, जिससे इस गिरोह के कुछ और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।
