पशुपालकों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से पशुपालन विभाग द्वारा चलाया जा रहा है दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान
दुग्ध उत्पादन में गुणात्मक सुधार लाने हेतु पशुपालक से घर-घर जाकर किया जा रहा है सीधा संवाद

इंदौर
ग्रामीण अर्थव्यवस्था के प्रमुख आधार पशुपालकों के सामाजिक, आर्थिक उत्थान, तकनीकी जागरूकता तथा उनकी आय बढ़ाने के उद्देश्य से संपूर्ण मध्य प्रदेश को समृद्धि के नये दौर की ओर अग्रसर करने की श्रृंखला में दुग्ध उत्पादन 09% से 20% का लक्ष्य प्राप्ति हेतु पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा सतत नवाचार किए जा रहे हैं।
नवाचार की इसी श्रृंखला में विभाग द्वारा संपूर्ण प्रदेश में दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य दुग्ध उत्पादन में गुणात्मक सुधार लाने हेतु पशुपालक से सीधे संवाद, उनसे गृह पर भेंट कर उनको तीन मुख्य स्तंभों नस्ल सुधार के लिए कृत्रिम गर्भाधान एवं सेक्स सॉर्टेड सीमेन का उपयोग पशु पोषण हेतु सम्पूर्ण आहार, साइलेज का उपयोग एवं पशु स्वास्थ्य पर विस्तृत जानकारी प्रदान करना है।
संयुक्त संचालक इंदौर संभाग डॉ. विल्सन डावर दवारा बताया गया कि यह संपूर्ण अभियान तीन चरणों में संचालित किया जा रहा है। इस अभियान के प्रथम चरण में 10 या 10 से अधिक पशु रखने वाले पशु पालको को सम्मिलित करते हुए 02 अक्टूबर से 09 अक्टूबर 2025 तक इंदौर संभाग के समस्त जिलों में अभियान का सफलतापूर्वक संचालन किया गया। अभियान का द्वितीय चरण 17 दिसंबर 2025 से प्रारंभ हो गया है, जिसमें 05 से 09 तक पशु रखने वाले पशु पालकों सम्मिलित करते हुए संभाग के कुल 8 जिलों में पशुपालन एवं डेयरी विभाग के कुल 1426 संपर्ककर्ता अधिकारी एवं मैत्री द्वारा कुल 5774 ग्राम के लगभग 121828 पशुपालकों एवं 784296 (गाय एवं भैंस) पशुओं की जानकारी ऐप पर दर्ज की जा रही है।
इंदौर जिले की सतत निगरानी उप संचालक डॉ. डी आर. पाटिल द्वारा की जा रही है। उप संचालक डॉ. संतोष शुक्ला, अतिरिक्त उप संचालक डॉ. ज्योति कुरील, सहायक संचालक डॉ. लेखा पनवेल, सहायक संचालक डॉ. आशीष मिश्रा की इस अभियान में सक्रिय सहभागिता है।
