
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के चाणक्य कहे जाने वाले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य में जबरदस्त पहल की जो सफल रही है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पिछले तीन दिनों से बिहार के दौरे पर आए हुए थे, इस दौरान उन्होंने पार्टी के बागी नेताओं से बातचीत की और उन्हें नामांकण वापस लेले पर मजबूर कर दिया ।
बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से टिकट न मिलने के बाद पार्टी के कई कार्यकर्ता और नेता बागी हो गए और राज्य के अलग-अलग विधानसभा सीटों पर प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज या फिर निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर नामांकन करके चुनावी मैदान में उतर गए ।
बिहार के दौरे पर पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बागियों को समझाने की पहल की और उनसे संपर्क साधा. अमित शाह ने बिहार की राजधानी पटना में देर रात तक बागियों के साथ बैठकें की और उन्हें समझाया, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपने कई प्रमुख नेताओं को भी बागी उम्मीदवारों के साथ बातचीत करने के लिए मैदान में उतारा है. जिसका बड़ा असर भी देखने को मिला है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में बातचीत के बाद बिहार विधानसभा की करीब आधा दर्जन सीटों पर से बागियों ने अपना नामांकन वापस ले लिया है ।
इस बीच मुंगेर के तारापुर विधानसभा सीट से विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के प्रत्याशी सकलदेव बिंद ने सोमवार (20 अक्टूबर, 2025) को बिहार के उप मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रत्याशी सम्राट चौधरी को अपना समर्थन दिया है. सकलदेव बिंद ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की और सम्राट चौधरी को समर्थन देने की घोषणा की. उल्लेखनीय है कि मुंगेर के तारापुर विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी ने बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी को चुनावी मैदान में प्रत्याशी बनाकर उतारा है ।
