मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सुशासन और जनहितैषी कार्यों की सोच के अनुरूप आमजन की समस्याओं के त्वरित एवं मानवीय समाधान की दिशा में इंदौर जिला प्रशासन लगातार सक्रिय है। इसी क्रम में मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय इंदौर में आयोजित जनसुनवाई ने एक जरूरतमंद परिवार के जीवन में उम्मीद और राहत की नई रोशनी भर दी।
जनसुनवाई में 30 दिसंबर 2025 को 56वर्षीय भेरुलाल जी आधार संबंधी समस्या लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने बताया कि वे अत्यंत गरीब हैं और आधार कार्ड के अभाव में किसी भी शासकीय योजना का लाभ नहीं ले पा रहे थे। वर्ष 2020 से लगातार प्रयासों के बावजूद उनका आधार पंजीयन बार-बार रिजेक्ट हो रहा था, जिससे वे हताश और परेशान हो चुके थे।
जनसुनवाई के दौरान जिला ई-गवर्नेंस प्रबंधक श्री अतुल दुबे ने पूरे धैर्य और संवेदनशीलता के साथ भेरुलाल जी की समस्या सुनी। तत्पश्चात उन्होंने यूआईडीएआई, नई दिल्ली से संपर्क कर प्रकरण पर चर्चा की। जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि भेरुलाल जी का आधार कार्ड पूर्व में ही बन चुका था, लेकिन उसके संबंध में कोई भी जानकारी उनके पास उपलब्ध नहीं थी। न तो उन्हें आधार नंबर याद था और न ही अन्य विवरण। इस जटिल स्थिति में भी जिला ई-गवर्नेंस प्रबंधक श्री अतुल दुबे ने मामले को गंभीरता से लेते हुए UIDAI के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखा। उपलब्ध डेमोग्राफिक जानकारियों के आधार पर आधार कार्ड को सफलतापूर्वक रिकवर कर डाउनलोड किया गया और भेरुलाल जी को प्रदान किया गया।
आधार कार्ड हाथ में आते ही भेरुलाल जी की आँखों में खुशी के आँसू छलक पड़े। वर्षों की परेशानी के बाद अब वे शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने में सक्षम हो सकेंगे। उन्होंने कलेक्टर श्री शिवम वर्मा एवं जिला ई-गवर्नेंस प्रबंधक श्री अतुल दुबे के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हुए शुभकामनाएँ दीं। यह घटना न केवल प्रशासनिक संवेदनशीलता का उदाहरण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि जब शासन, तकनीक और मानवीय दृष्टिकोण एक साथ आते हैं, तो आमजन के जीवन में वास्तविक परिवर्तन संभव होता है।
