अमावस्या-पूर्णिमा पर महाप्रसाद का अनवरत वितरण
हनुमान जयंती पर दिव्यांग बच्चों की भक्ति ने जीता दिल
मंदिर समिति वर्षों से कर रही सामाजिक सेवा और कन्याओं के विवाह

इंदौर। आईटीआई चौराहा स्थित श्री कल्याणकारी हनुमान मंदिर समाज कल्याण परिसर आई टी आई चौराहा परदेशीपुरा आस्था, सेवा और समर्पण का अनूठा केंद्र बना हुआ है। यहां रामभक्त हनुमानजी अपनी माता अंजनी के साथ विराजमान हैं। इस मंदिर की विशेषता यह है कि पिछले 64 वर्षों से, यानी 1962 से, प्रत्येक अमावस्या और पूर्णिमा पर महाप्रसाद (भंडारा) का निरंतर आयोजन किया जा रहा है, जिसमें हजारों श्रद्धालु प्रसादी ग्रहण करते हैं।मंदिर समिति के मोहन सेंगर, विजय अग्रवाल ओर श्याम तिवारी ने बताया कि हनुमान जयंती के पावन अवसर पर मंदिर परिसर में दो दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान का भव्य आयोजन किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या ने भाग लेकर भक्तिमय वातावरण को और भी दिव्य बना दिया। कार्यक्रम का सबसे भावुक और आकर्षक पहलू दिव्यांग बच्चों की सहभागिता रही। उन्होंने राम नाम जाप करते हुए हनुमानजी की स्तुति की और पूरे श्रद्धाभाव से पूजन-अर्चन कर सभी का मन मोह लिया।
मंदिर समिति द्वारा दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष भोजन प्रसादी की व्यवस्था की गई थी। साथ ही चलित भंडारे का आयोजन भी हुआ, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पुण्य लाभ अर्जित किया। इस अवसर पर हनुमानजी का आकर्षक श्रृंगार भी श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। समिति के सदस्यों ने बताया कि संस्था वर्षों से सामाजिक और कल्याणकारी कार्यों में सक्रिय है। इसके अंतर्गत कई जरूरतमंद कन्याओं के विवाह भी संपन्न कराए जा चुके हैं। पूरे आयोजन में सेवा, समर्पण और समावेशिता का अद्भुत संदेश देखने को मिला, जहां दिव्यांग बच्चों की भक्ति ने सभी को प्रेरित किया। वही कारस देव नगर स्थित हनुमान मंदिर पर आकर्षक श्रंगार , आरती के पश्चात भोजन। परसादी का आयोजन भी हुआ ।इस अवसर पर समिति के मोहन सेंगर, विजय अग्रवाल, श्याम तिवारी प्रवीण भार्गव, भारत सिंह राजपूत, सोनू निमाड़े, भूरा गुर्जर, किशोर चौकसे, आलिख राम नायक, योगेंद्र माहेश्वरी और गजानंद सिसोदिया सहित कई सदस्य उपस्थित रहे।
