वनवासियों को गले लगाकर देश में अन्त्योदय का
सूत्रपात करने वाले प्रभु श्रीराम ही हैं : पं. भार्गव

इंदौर । राम इस राष्ट्र का चरित्र, शील, संयम, सदाचार, नैतिकता और मर्यादा है तो कृष्ण माधुर्य, दर्शन और मनीषी का प्रतिरूप। जग में सुंदर हैं दो नाम, चाहे कृष्ण कहो या राम। धर्म से आनंद, वैभव, शांति की प्राप्ति होती है। धर्म ही नौका है। धर्म ही हमें स्वर्ग लेकर जाएगा। धर्म एक छवि है, धर्म एक आकार है। धर्म में संवेदनाएं हैं। राम का नाम केवल अपनी जिव्हा पर भी ले आएं या केवल स्मरण भी कर लें तो ही धर्म आचरण हो जाएगा। वनवासियों को गले लगाकर देश में अन्त्योदय की भावना का सूत्रपात प्रभु श्रीराम ने ही अपने वनवास काल में किया है।
बर्फानी धाम के पीछे स्थित गणेश नगर में माता केशरबाई रघुवंशी धर्मशाला परिसर के शिव-हनुमान मंदिर की साक्षी में चल रही रामकथा में शनिवार को प्रख्यात मानस मर्मज्ञ पं. मनोज भार्गव ने प्रभु श्रीराम के वन गमन एवं केवट प्रसंग की व्याख्या के दौरान उक्त दिव्य विचार व्यक्त किए। ब्रह्मऋषि स्वामी बर्फानी दादा महाराज की प्रेरणा से हो रहे इस अनुष्ठान में मप्र उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अभिभाषक नरेश माहेश्वरी, अ. भा. क्षत्रिय महासभा के उपाध्यक्ष ठा. विजयसिंह परिहार, नर्मदातट से आए अमरसिंह पटेल, रामसिंह रघुवंशी, सचिन मिश्रा, मुन्ना विजयवर्गीय, प्रगतिशील क्षत्रिय महासभा के प्रेम मालवीय, रामचंद्र दुबे, राजबहादुर सिंह कुशवाह आदि ने आयोजन समिति के प्रमुख तुलसीराम रघुवंशी एवं संयोजक रेवतसिंह रघुवंशी के साथ व्यास पीठ एवं रामचरितमानस का पूजन किया। विद्वान् वक्ता की अगवानी ललनसिंह पंवार, अप्पू पटेल, मनोहर सिंह चौहान, प्रवीण सिंह पंवार, सुरेश गुप्ता, मुन्ना विजयवर्गीय आदि ने की। संयोजक रेवतसिंह रघुवंशी के अनुसार कथा में मंगलवार 6 जनवरी को भरत चरित्र, 7 को पंचवटी निवास, गिद्धराज एवं शबरी चरित्र, 8 को श्रीराम–सुग्रीव मित्रता, 9 को रावण वध एवं रामराज्याभिषेक प्रसंगों की संगीतमय कथा प्रतिदिन दोपहर 1 से 5 बजे तक होगी।
पं. भार्गव ने कहा कि राम धर्म की शाश्वत मूर्ति है। भगवान राम को मर्यादा पुरूषोत्तम इसीलिए कहा गया है कि उनका संपूर्ण जीवन चरित्र निर्दोष है। उन्होंने कहीं भी ऐसा कोई आचरण नहीं किया है, जिससे उनके वंश की मर्यादा का हनन हुआ है। यहां तक कि वनवासकाल में भी उन्होंने समाज के सबसे शोषित और दलित वर्ग को गले लगाकर समाज के अंतिम छोर के लोगों के उद्धार का संदेश दिया है।
