चाइनीज मांझे के कारण हो रहे हादसों को लेकर हाई कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए गंभीर चिंता व्यक्त की , कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि कोर्ट के आदेश के बाद में भी चाइनीज मांझे की वजह से मृत्यु होना दुर्भाग्यपूर्ण है। अधिकारी केवल कागजों में तैयारी न दिखाएं, धरातल पर भी कार्रवाई करें। अगर कोई व्यक्ति चाइनीज मांझा बेचते या उपयोग करते पाए जाए तो उसके खिलाफ बीएनएस की धारा 106(1) (गैर इरादतन हत्या) के लिए केस दर्ज किया जाए। कोई नाबालिग इस मांझे का उपयोग करता मिले तो उसके अभिभावक को इसके लिए जिम्मेदार मानते हुए उन पर प्रकरण दर्ज किया जाए। शासन ने कोर्ट को बताया कि चाइनीज मांझे पर प्रतिबंध के साथ ही इसके दुष्परिणामों के बारे में स्थानीय समाचार पत्रों और टीवी चैनलों के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।
सुनवाई के दौरान न्यायमित्र वरिष्ठ अभिभाषक विवेक शरण और आकाश शर्मा ने कोर्ट में सुझाव दिया कि मकर संक्रांति को देखते हुए इंदौर और हाई कोर्ट की सीमा के सभी 14 जिलों से उठाए गए कदमों और कार्ययोजना की रिपोर्ट तलब की जाए। शासन की तरफ से बताया गया कि चाइनीज मांझे की बिक्री को रोकने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। मांझे से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए उपकरण का उपयोग किया जा रहा है।प्रतिबंध के कड़ाई से पालन हेतु हाई कोर्ट के दिशा-निर्देश
कोर्ट ने इंदौर सहित आसपास के जिलों में प्रतिबंध के सख्त पालन के संबंध में निर्देश दिए हैं ।
