हंसदास मठ एवं विश्व ब्राह्मण समाज संघ की मेजबानी में आज 101
बटुकों के होंगे यज्ञोपवीत, लक्ष्मीनारायण महायज्ञ की पूर्णाहुति
इंदौर ।
एयरपोर्ट रोड पीलियाखाल स्थित प्राचीन हंसदास मठ पर गुप्त नवरात्रि एवं मठ पर बसंत पंचमी के उपलक्ष्य में विश्व ब्राह्मण समाज संघ एवं हंसदास मठ के संयुक्त तत्वावधान में हंस पीठाधीश्वर स्वामी रामचरणदास महाराज एवं महामंडलेश्वर महंत पवनदास महाराज के सान्निध्य में 101 ब्राह्मण बटुकों का यज्ञोपवीत संस्कार होगा। मठ पर चल रहे श्री लक्ष्मीनारायण महायज्ञ की पूर्णाहुति भी दोपहर 12 बजे अभिजीत मुहूर्त में होगी। यज्ञ शाला की परिक्रमा करने के लिए आज दिनभर भक्तों का सैलाब उमड़ता रहा। बसंतोत्सव के उपलक्ष्य में मठ पर स्थापित माँ सरस्वती का विशेष पूजन अर्चन भी सुबह 9 बजे होगा। भगवान का पुष्प बंगला भी सजेगा। बसंतोत्सव की पूर्व बेला में गुरुवार को मठ स्थित देवी-देवताओं को पीताम्बर परिधान से श्रृंगारित किया गया है।
विश्व ब्राह्मण समाज संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष पं. योगेन्द्र महंत एवं मठ के पं. अमितदास ने बताया कि यज्ञोपवीत अनुष्ठान की विधियाँ सुबह 9 बजे से विद्वान आचार्यों के निर्देशन में प्रारंभ होंगी। इस दौरान देश के विभिन्न राज्यों एवं प्रदेश के अनेक शहरों से आए 101 ब्राह्मण बटुकों का संस्कार संपन्न होगा। इधर, मठ पर चल रहे लक्ष्मीनारायण महायज्ञ में यज्ञाचार्य पं. पं. विवेक कृष्ण शास्त्री के निर्देशन में गुरुवार तक सवा लाख आहुतियाँ सम्पन्नं हो चुकी हैं। यजमानों ने श्रीसूक्त एवं पुरुषसूक्त से आहुतियाँ प्रदान कर समाज में सुख, शांति एवं सद्भाव की कामना की। आज भी बड़ी संख्या में यज्ञ में शामिल यजमानों एवं मठ से जुड़े श्रद्धालुओं ने यज्ञशाला की परिक्रमा कर पुण्य लाभ उठाया। जिन वेदपाठी ब्राह्मण बटुकों के यज्ञोपवीत संस्कार होंगे उन्होंने ओम नमो भगवते वासुदेवाय महामंत्र का जाप शुरू कर दिया है। संध्या को पंचमुखी चिंताहरण हनुमान मंदिर की साक्षी में संगीतमय सुंदर काण्ड का पाठ भी किया गया और बसंतोत्सव की पूर्व बेला में पंचमुखी हनुमानजी को नया चोला भी धारण कराया गया तथा मठ स्थित सभी देवी-देवताओं को पीताम्बर परिधान में श्रृंगारित किया गया। मठ स्थित माँ सरस्वती की प्रतिमा का शुक्रवार को विशेष श्रृंगार एवं पूजन सुबह 9 बजे से होगा।

