भागीरथपुरा मे आज सुबह मृतक बद्री प्रसाद के परिजनों ने शव को सड़क पर रखकर चक्कजाम कर दिया। परिजनों का आरोप है कि प्रशासन का कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा जबकि बद्री प्रसाद की तबीयत उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद अचानक बिगड़ी थी। इससे पहले वे पूरी तरह स्वस्थ थे। इसके बावजूद प्रशासन इस मौत को दूषित पानी से जोड़ने से इनकार कर रहा है। परिवार ने यह भी बताया कि दो माह पहले बद्री प्रसाद की बहू की भी मौत हो चुकी है, जिससे परिवार पूरी तरह टूट चुका है। मदद न मिलने से गुस्साए लोगों ने क्षेत्रीय पार्षद कमल वाघेला के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
भागीरथपुरा में दूषित पानी से शुकव्रार को फिर एक महिला और एक पुरुष की इलाज के दौरान मौत हो गई इस तरह दूषित पानी से जान गंवाने वाली की संख्या बढ़कर 27 पर पहुंच गई।जानकारी के मुताबिक भागीरथपुरा के 10 मरीजों का अब भी अस्पताल में इलाज चल रहा है, जिसमें से दो गंभीर बीमार मरीजों को वेंटीलेटर पर रखा गया है। शुक्रवार को 82 साल की विद्याबाई यादव और 63 साल के बद्रीप्रसाद की मौत हो गई थी। भागीरथपुरा में अब भी पानी से प्रभावित मरीजों के सामने आने और लगातार जान गंवा रहे लोगों की बढ़ती संख्या को देखते हुए क्षेत्र के लोग आक्रोशित हैं।
