
इंदौर। बड़ा गणपति पीलियाखाल स्थित प्राचीन हंसदास मठ के दसवें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में चल रहे लक्ष्मीनारायण महायज्ञ की पूर्णाहुति शास्त्रोक्त विधि-विधान के साथ हंस पीठाधीश्वर श्रीमहंत स्वामी रामचरणदास महाराज एवं महामंडलेश्वर महंत पवनदास महाराज के सानिध्य में संपन्न हुई। मठ के पं. अमितदास एवं महंत यजत्रदास ने बताया कि आचार्य पं. विवेक कृष्ण शास्त्री एवं अन्य विद्वानों के निर्देशन में पिछले 5 दिनों से चल रहे लक्ष्मीनारायण महायज्ञ में श्रीसूक्त एवं पुरुषसूक्त से आहुतियाँ देने का क्रम चल रहा था। इस दौरान सैकड़ों श्रद्धालुओं ने यज्ञ शाला की परिक्रमा कर पुण्य लाभ उठाया। परिक्रमा करने वालों में अनेक दिव्यांग, बीमार एवं अन्य रोगों से ग्रसित श्रद्धालु भी शामिल थे, जिन्होंने लक्ष्मीनारायण महायज्ञ में आहुतियां भी समर्पित की। मठ पर लक्ष्मीनारायण महायज्ञ की पूर्णाहुति यज्ञदेवता के जयघोष के बीच संपन्न हुई। मठ स्थित चिंताहरण हनुमानजी को 56 भोग भी समर्पित किए गए। इस अवसर पर विश्व ब्राह्मण समाज संघ के अध्यक्ष पं. योगेन्द्र महंत एवं लक्ष्मीनारायण यज्ञ में शामिल हुए यजमान समूह के श्रीमती वर्षा शर्मा, अनंत महंत एवं विनोद कुमार जोशी सहित अन्य श्रद्धालु भी मौजूद थे। इसके साथ ही मठ के दसवें वार्षिकोत्सव का सौल्लास समापन हुआ। इस दौरान अनेक सामाजिक, धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे, जिन्होंने महायज्ञ में आहुतियां भी समर्पित की। महाआरती के साथ मठ के वार्षिकोत्सव का समापन हुआ।
