आज भागीरथ पूरा मामले में दर्ज सभी याचिकाओं पर न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला और न्यायमूर्ति आलोक अवस्थी की युगलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई में शासन की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता राहुल सेठी ने रिपोर्ट पेश करते हुए कोर्ट को बताया कि 23 मौतों का डेढ ऑडिट हो चुका है। 16 मौत दूषित पानी की वजह से हुई है। इस पर वरिष्ठ अधिवक्ता अजय बागडिया ने सवाल उठाया कि रिपोर्ट किस आधार पर तैयार की गई है स्पष्ट नहीं है। कोर्ट ने कहा कि स्थिति बहुत खतरनाक है। महू से भी दूषित पानी की खबरें आ रही है। शासन को सुनिश्चित करना चाहिए कि जनता को साफ और स्वच्छ पानी मिले, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने शासन द्वारा प्रस्तुत डेथ ऑडिट रिपोर्ट पर सवाल उठाए। शासन ने रिपोर्ट में बताया है कि अब तक 23 मौत का विश्लेषण हो चुका है। इनमें से 16 मौतें दूषित पानी से हुई हैं। तीन की वजह स्पष्ट नहीं है जबकि चार मौत अन्य बीमारियों से हुई हैं।इस पर कोर्ट ने कहा की कि बगैर पोस्टमार्टम के किस आधार पर तय किया गया कि 16 मौते ही दूषित पानी से हुई है अन्य नहीं । सीएचएमओ ने जवाब दिया कि वर्बल एटाप्सी की गई थी। कोर्ट ने सवाल किया कि वर्बल एटाप्सी क्या होती है ? कोर्ट ने कहा कि स्पष्ट होना चाहिए कि आखिर मौतें किस वजह से हुई? जो मौत दूषित पानी से नहीं मानी गईं हैं, उन्हें नहीं मानने के पीछे ठोस वजह क्या है? सभी पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने आदेश सुरक्षित रख लिया।
