पहली बार हो रहे आयोजन में मालवांचल के 12 जिलों के श्रद्धालु और 15 समाजों के बंधु शामिल होंगे

इंदौर। प्रख्यात गीता मनीषी महामंडलेश्वर स्वामी ज्ञानानंद के सानिध्य में शहर में पहली बार हो रहे तीन दिवसीय दिव्य गीता सत्संग के वृहद आयोजन को अंतिम रूप दे दिया गया है। स्वामी ज्ञानानंद 6 फरवरी को सुबह 7 बजे विमान से इंदौर पहुंचेंगे और सुबह 11 बजे जेल रोड स्थित सेंट्रल जेल के कैदियों के बीच पहुंचकर उन्हें भी गीता के दिव्य संदेशों के माध्यम से जीवन को संवारने के सूत्र बताएंगे। अपने इंदौर प्रवास के दौरान स्वामी ज्ञानानंद मुख्य रूप से कनाड़िया रोड, मोर्या हिल्स स्थित कुसुम देवी छावछरिया सभागृह में 6 से 8 फरवरी तक प्रतिदिन दोपहर 3 से 6 बजे तक अपने प्रवचनों की अमृतवर्षा करेंगे। गीता के माध्यम से अपने जीवन को संवारने और गीता के संदेशों को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से हो रहे इस उत्सव में इंदौर एवं मालवांचल के प्रमुख 12 जिलों के श्रद्धालु और शहर के करीब 15 समाजों के बंधु भी उनके दिव्य सत्संग का पुण्य लाभ उठाएंगे।
ग्लोबल इंस्पीरेशन एनलाइटनमेंट आर्गेनाइजेशन ऑफ़ भगवद गीता (जीओ गीता) के अंतर्राष्ट्रीय महामंत्री प्रदीप मित्तल (दिल्ली), समन्वयक कुलभूषण मित्तल एवं प्रदेश संयोजक मनोरंजन मिश्रा (भोपाल) ने बताया कि तीन दिवसीय इस वृहद आयोजन की व्यापक तैयारियां पूरी हो गई हैं। समूचे आयोजन की मेजबानी सूठीबाई दौलतराम पारमार्थिक न्यास करेगा। यजमान समूह के बालकृष्ण छावछरिया, समाजसेवी विनोद अग्रवाल, पुरुषोत्तम अग्रवाल (अग्रवाल ग्रुप), विमल तोडी एवं पवन सिंघानिया (मोयरा समूह) के मार्गदर्शन में टेलीफोन नगर स्थित कार्यालय पर आयोजित समन्वय समिति की बैठक में बुधवार को दिव्य सत्संग की तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार स्वामी ज्ञानानंद इंदौर में विभिन्न कार्यक्रमों में सानिध्य प्रदान करेंगे। वे पहले दिन सेंट्रल जेल में प्रवचन और मोर्या हिल्स स्थित छावछरिया सभागृह में प्रवचनों की अमृत वर्षा के अलावा अपने इंदौर प्रवास के दौरान शहर के प्रमुख समाजसेवी पुरुषोत्तम अग्रवाल, उद्योगपति विमल तोड़ी एवं नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के निवास पर पहुंचकर उनके परिजनों को शुभाशीष प्रदान करेंगे।
शहर में पहली बार हो रहे इस दिव्य आयोजन में अग्रवाल समाज, माहेश्वरी, खंडेलवाल, नागर चित्तोड़ा महाजन, ब्राह्मण, कायस्थ, जायसवाल, मेडतवाल एवं अन्य प्रमुख समाजों के बंधु भी भागीदार बनेंगे। बैठक में एस.एन. गोयल समाधान, निशा जोशी, विनय छावछरिया, जयश्री अग्रवाल, दिनेश मित्तल, टीकमचंद गर्ग, निर्मल रामरतन अग्रवाल, विष्णु बिंदल, अचल चौधरी, सीए एसएन गोयल, योगेन्द्र जैन बाबा एवं खजराना गणेश मंदिर के मुख्य पुजारी पं. अशोक भट्ट सहित अनेक प्रमुख बंधुओं ने अपने विचार एवं सुझाव रखे। यह निर्णय भी लिया गया कि देवी अहिल्या की नगरी की परम्परा के अनुरूप स्वामी ज्ञानानंदजी और उनकी टीम का गरिमापूर्ण अभिनन्दन किया जाएगा। आयोजन की दिव्यता को देखते हुए विभिन्न समितियों का गठन भी किया गया है।
जीओ गीता के अंतर्राष्ट्रीय महामंत्री प्रदीप मित्तल ने बताया कि गत 7 दिसम्बर को कोलकाता में गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद की अध्यक्षता में एक अभूतपूर्व कार्यक्रम संपन्न हुआ जिसमें 5 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने एक साथ भगवद गीता का सामूहिक पाठ कर विश्व कीर्तिमान बनाया है। इस महोत्सव में 2000 से अधिक संतों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनमें प्रमुख रूप से दीदी माँ के नाम से प्रख्यात साध्वी ऋतंभरा देवी और बागेश्वर धाम के प्रमुख पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री सहित अनेक संत विद्वान भी शामिल हुए। इंदौर में हो रहे इस दिव्य सत्संग के लिए भी अनेक प्रमुख संत विद्वानों को न्योता दिया गया है। इंदौर में स्वामी ज्ञानानन्द जी के सानिध्य में इस तरह का तीन दिवसीय आयोजन चूँकि पहली बार हो रहा है इसलिए समूचे मालवांचल में व्यापक उत्साह देखने को मिल रहा है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस दिव्य गीता सत्संग में शामिल होने के लिए इंदौर आएँगे। उनके लिए आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराने पर भी बैठक में चर्चा की गई।
