नीमच जिले के ग्राम रानापुर में आंगनबाड़ी केंद्र में उपस्थित लगभग 20 मासूम बच्चों पर अचानक मधुमक्खियों ने हमला कर दिया। इस पर समीप में कार्य कर रहीं श्रीमती कंचनबाई ने स्वयं के प्राणों की चिंता किए बिना सभी बच्चों को तिरपाल और अपनी साड़ी से ढँककर सुरक्षित स्थान तक पहुँचाया।

बच्चों को बचाने के प्रयास में वह स्वयं मधुमक्खियों के हमले से घायल हो गई और उनका दु:खद निधन हो गया।म बच्चों की रक्षा में अपने प्राणों का बलिदान करने वाली कंचनबाई के निधन के बाद अब तक शासन प्रशासन एवं जनप्रतिनिधि ने कोई सुध नहीं ली है इससे गांव में एवं परिवार में आक्रोश है ।
हादसे के बाद से ग्रामवासी दहशत में है आंगनबाड़ी की तरफ जाने से डर रहे हैं। गांव में पीने के पानी के लिए एकमात्र हैंडपंप आंगनबाड़ी के पास ही है। हादसे के बाद से वहां कोई पानी भरने नहीं गया। बच्चों के मन में डर बैठ गया है वे स्कूल जाने को तैयार नहीं हैं ।
