नवलखा स्थित कांटाफोड़ शिव मंदिर पर कल से शुरू होगा पांच दिनी महोत्सव
पहले दिन दूल्हे राजा को हजारों भक्त लगाएँगे हल्दी, 13 को मेहंदी, झांकी दर्शन 15 को, 16 को भस्म आरती

इंदौर । नवलखा स्थित मनकामेश्वर कांटाफोड़ शिव मंदिर पर पांच दिवसीय महाशिवरात्रि महोत्सव का शुभारंभ गुरुवार 12 फरवरी को सुबह 10 बजे भगवान भोलेनाथ को हल्दी लगाने के साथ होगा। सैकड़ों श्रद्धालु दूल्हा बने भोलेनाथ को हल्दी लगाएँगे। महाशिवरात्रि के मुख्य महापर्व पर रविवार 15 फरवरी को दोपहर 1 बजे दुल्हे राजा को केसर के जल से स्नान कराया जाएगा। 15 फरवरी को मंदिर पर माँ वैष्णो देवी के पिंडी स्वरुप के साथ भव्य एवं विशाल पवित्र गुफा की प्रतिकृति का निर्माण भी झांकी के रूप में होगा। महोत्सव के लिए व्यापक तैयारियां प्रारंभ हो गई हैं।
मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष विष्णु बिंदल, टीकमचंद गर्ग एवं संयोजक बीके गोयल ने बताया कि प्रतिवर्ष की परम्परा के अनुरूप इस वर्ष भी महाशिवरात्रि पर मंदिर आने वाले हजारों भक्तों के लिए मनमोहक झांकी का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। इस बार स्थानीय कलाकार मिलकर माँ वैष्णो देवी के पिंडी स्वरुप की झांकी बना रहे हैं। माँ के दर्शन हेतु भक्तों को एक गुफा से होकर गुजरना होगा, जिसका निर्माण कार्य पिछले 5 दिनों से 10 कलाकार कर रहे हैं। गुफा के निर्माण में दोनों ओर थर्माकोल, प्लाय, स्ट्राबोर्ड, परदे, फूल, नक्काशी, पहाड़ी-चट्टानों की प्रतिकृति, वालपेपर, लकड़ी, बांस सहित अन्य सामग्री का उपयोग किया जा रहा है।
शुभारंभ हल्दी से – मंदिर पर 5 दिवसीय महोत्सव का शुभारम्भ गुरुवार को सुबह 10 बजे हल्दी रस्म के साथ होगा। शुक्रवार 13 फरवरी को सुबह 10 बजे मेहँदी लगाई जाएगी और शनिवार 14 फरवरी सुबह 10 बजे दूल्हे राजा को सुगन्धित उबटन लगाया जाएगा। महाशिवरात्रि पर 15 फरवरी को दोपहर 1 बजे सैकड़ों श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ को केसर के जल से स्नान कराएंगे और उसके बाद शाम 6 बजे तक दूल्हे राजा के रूप में उनका अनुपम श्रृंगार होगा। हजारों श्रद्धालु इस श्रृंगार दर्शन के लिए वैष्णो देवी की गुफा की प्रतिकृति से होकर गर्भ गृह तक पहुंचेंगे।
दर्शन के लिए व्यवस्था, प्रसाद वितरण भी – दर्शनार्थियों के लिए मंदिर पर हर वर्ष की तरह विशेष प्रबंध इस तरह किए जा रहे हैं कि महिला-पुरुष और परिवार के सभी सदस्य अलग-अलग कतारबद्ध होकर दर्शन का पुण्य लाभ उठा सकें। भक्तों को आधे घंटे से अधिक का समय दर्शन में नहीं लगेगा। वापसी में भक्तों के लिए प्रसाद की व्यवस्था भी रहेगी। 5 दिवसीय इस महोत्सव का समापन सोमवार 16 फरवरी को सुबह 5 बजे महाकाल की तर्ज पर होने वाली महाभस्म आरती के साथ होगा। इस भस्म आरती में परंपरागत रूप से नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी यजमान के रूप में शामिल होंगे।
