इंदौर। पिपलियाहाना चौराहे पर सात साल पहले (2019 में) वरिष्ठ पत्रकार महेंद्र बापना का वाहन दुर्घटना में असामयिक निधन हुआ था।उस चौराहे पर स्थापित स्व बापना (बापू) की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने मंगलवार की सुबह से दोपहर तक उनके चाहने वाले जुटे थे।प्रतिमा स्थल को जिन फूलों से सजाया गया था उन फूलों की महक भी कह रही थी रहें ना रहें हम महका करेंगे बनके कली, बनके सबा, बाग-ए-वफ़ा में…।

हर साल की तरह जुटे बापू मित्रमंडल को रह रह कर बापना को पसंद यह गीत याद आ रहा था। सबके सुख-दुख में साथ खड़े रहने वाले पत्रकार बापना की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने अग्निबाण के संपादक राजेश चेलावत सपत्नीक पहुंचे थे। माल्यार्पण और पुष्पांजली अर्पित करने वालों में प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के साथियों के साथ ही भाजपा और कांग्रेस के नेताओं, पार्षदों-पूर्व पार्षदों के साथ ही उस चौराहे से गुजरने वाले सैकड़ों नागरिकों में वो लोग भी थे जिनके लिये स्व बापना आधी रात में भी मदद के लिये दौड़ पड़ता था।
श्रीमती संगीता-महेंद्र बापना, महिमा-श्रेयांश जैन, अर्णिमा सहित बापना परिवार के सदस्यों-रिश्तेदारों ने प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ ही प्रतिमा स्थल वाले चौराहे उनकी स्मृति में हर वर्ष की तरह चाय-पोहे के निशुल्क वितरण रखा था, सैंकड़ों लोगों ने इसका लाभ लिया और श्रद्धांजली अर्पित की।
