
इंदौरी। महाशिवरात्रि के महापर्व पर रविवार को एयरपोर्ट रोड, पीलियाखाल स्थित प्राचीन हंसदास मठ पर हंस पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी रामचरणदास महाराज एवं महामंडलेश्वर महंत पवनदास महाराज के सानिध्य में काशी विश्वनाथ एवं हंसेश्वर महादेव का नमक-चमक से महारुद्राभिषेक संपन्न हुआ।
मठ के महंत अमितदास ने बताया कि मठ पर प्रतिमाओं के पूजन, अभिषेक एवं श्रृंगार दर्शन के लिए सुबह से देर रात तक भक्तों का तांता लगा रहा। दोपहर में बाबा हंसदास द्वारा पूजित विश्वनाथ मंदिर में सभी विधान मंडल स्थापन यज्ञ, गणेश मातृरिका पूजन के बाद श्रृंगार, महाआरती हुई। संध्या को हंसेश्वर महादेव का फूलों, सूखे मेवों एवं रंगबिरंगे वस्त्रों से दूल्हे राजा के रूप में आकर्षक श्रृंगार किया गया। मंदिर स्थित गौरी शंकर की अदभुत प्रतिमा का भी अभिषेक पूजन किया गया।
यहां है दुर्लभ प्रतिमा- इस प्रतिमा में शिवजी के साथ नंदी एवं पार्वतीजी के साथ शेर विराजमान है। शिवजी की गोद में गणेशजी एवं पार्वतीजी की गोद में कार्तिकेय बैठे हुए हैं। इस तरह की प्रतिमा अत्यंत दुर्लभ होकर दर्शनीय-पूजनीय मानी गई है। शिवरात्रि पर सैकड़ों भक्तों ने मंदिर आकर इस दुर्लभ प्रतिमा की पूजा अर्चना की। फलाहारी प्रसाद का वितरण भी किया गया। देर रात तक शिवभक्तों ने सभी अनुष्ठानों में भाग लेकर पुण्य लाभ उठाया। मंदिर पर आकर्षक पुष्प एवं विद्युत सज्जा भी की गई, जिसे निहारने के लिए भक्तों का तांता लगा रहा।
