इंदौर शहर से लगी ग्राम पंचायत क्षेत्रों की स्वच्छता का कार्य नगर निगम को सौंपने संबंधी प्रस्ताव शासन को भेजने के निर्देश

इंदौर
संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े ने आज जिला पंचायत इंदौर तथा जनपद पंचायत इंदौर का रोस्टर निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था, ग्रामीण विकास कार्यों तथा विभिन्न विकास योजनाओं एवं कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सिद्धार्थ जैन भी मौजूद थे।
संभागायुक्त डॉ. खाड़े ने निर्देश दिए कि इंदौर शहर से लगी ग्राम पंचायत क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए संबंधित ग्राम पंचायतों की स्वच्छता की जिम्मेदारी नगर निगम को सौंपे जाने के संबंध में प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा जाए। निरीक्षण के दौरान संभागायुक्त डॉ. खाड़े ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि यह प्रस्ताव इंदौर नगर निगम की सीमा से लगी पंचायतों – बांक, नावदापंथ, देवगुराड़िया, मांगलिया, कैलोदहाला, भांग्या, बारोली, रंगवासा, नैनोद, बुढ़ानिया आदि के लिये तैयार किया जाये।
बैठक में ग्रामीण क्षेत्र की पंचायतों में संपत्ति कर निर्धारण के लिए जिला पंचायत द्वारा तैयार किए गए मॉड्यूल का प्रस्तुतीकरण भी किया गया। डॉ. खाड़े ने इस मॉड्यूल की सराहना करते हुए कहा कि इससे पंचायतें आर्थिक रूप से अधिक सशक्त होंगी तथा राजस्व बढ़ाने में मदद मिलेगी।
उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता के लिए किए जा रहे कार्यों की विशेष रूप से समीक्षा की। इस दौरान जानकारी दी गई कि गांवों में स्वच्छता संबंधी कार्य तेजी से जारी हैं, विभिन्न स्थानों पर मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) सेंटर स्थापित किए गए हैं तथा काली बिलोद ग्राम में मानव मल उपचार संयंत्र की स्थापना की गई है।
संभागायुक्त डॉ. खाड़े ने जनपद पंचायत इंदौर कार्यालय पहुंचकर विभिन्न योजनाओं, कार्यक्रम तथा विकास कार्यों की समीक्षा की।
संभागायुक्त डॉ. खाड़े ने सीएम हेल्पलाईन सहित अन्य समयसीमा के पत्रों के निराकरण और लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत दर्ज प्रकरणों के निराकरण की समीक्षा की और निर्देश दिए कि समयसीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाये।
