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एम वाय बड़े अस्तपाल में अब चूहे के बाद बिल्ली का आतंक है अस्पताल में एचआईवी संक्रमित मरीजों की यूनिट और दवा कक्ष में बिल्लियों के घूमने का मामला सामने आया है। अस्पताल में महीने पहले ही चूहों के कुतरने से 2 नवजातों की मौत हुई है। ओपीडी में एक बिल्ली ने तीन बच्चों को जन्म दिया प्रबंधन ने तीन में से दो बच्चों को रेस्क्यू कर लिया है और तीसरे को पकड़ने की कोशिश जारी है।
एचआईवी संक्रमित मरीजों के दवा कक्ष में बिल्लियाँ गंदगी फैलाने का काम कर रही है यंही अस्पताल के एआरटी एकीकृत परामर्श केंद्र के कुछ कर्मचारी बिल्लियों की देखभाल कर रहे है जिससे दवा कक्ष की सुरक्षा और संक्रमण नियंत्रण को लेकर सवाल ना उठे हैं।उधर एमजीएम मेडिकल कॉलेज और एमवाय अस्पताल के डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया ने मामले को गंभीर माना है उन्होंने कहा हमने हाउसकीपिंग कंपनी को परिसर खाली कराने और बिल्लियों को पकड़ने के लिए पिंजरे लगाने के निर्देश दिए हैं उनके अनुसार संक्रमण का कोई खतरा नहीं है।उन्होंने पुष्टि की कि तीन में से दो बच्चों को रेस्क्यू कर लिया गया है और तीसरे को पकड़ने की कोशिश की जा रही है ।
हॉस्पिटल के सफ़ाई अधीक्षक डॉ. अशोक यादव ने बताया कि 17 फरवरी 2026 को अस्पताल परिसर में एक बिल्ली दिखी थी। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को तुरंत बिल्ली पकड़ने के निर्देश दिए गए। केंटीन क्षेत्र में बिल्ली पकड़ने के लिए पिंजरा भी रखा गया अस्पताल में साफ-सफाई में लापरवाही मिलने पर एचएलएल एजेंसी पर 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है।
