
इंदौर
जिले में कलेक्टर श्री शिवम वर्मा के निर्देश और महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी रजनीश सिन्हा के मार्गदर्शन में बाल विवाह रोकथाम को लेकर सतत जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। स्कूल, समुदाय और सेवा प्रदाताओं तक अधिनियम की जानकारी पहुंचाने से लोग अब जागरूक होने लगे हैं। इसका उदाहरण 19 फरवरी दलाल बाग में आयोजित सकल पंच मारू प्रजापत समाज के सामूहिक विवाह सम्मेलन में देखने को मिला। शिकायत के आधार पर जांच करने पहुंचे उड़नदस्ता कोर ग्रुप के श्री महेंद्र पाठक, सुश्री संगीता सिंह और सुपरवाइजर श्री पुष्पलता यादव ने जब आयोजन समिति से सभी जोड़ों के दस्तावेज मांगे तो उन्होंने तुरंत फाइल सामने रखी जिसमें प्रत्येक वर वधू की जन्म तिथि को प्रमाणित करने वाले दस्तावेज थे। दो जोड़ों के आधार कार्ड मिलने पर आयोजन समिति को समझाइश दी गई की आधार कार्ड उम्र का प्रमाण नहीं है। आयोजन समिति के पदाधिकारी को यह भी बताया कि सूची में जन्मतिथि अंकित होना चाहिए। सदस्य सुश्री संगीता सिंह उपस्थित जन समुदाय को अधिनियम की जानकारी दी और श्री पाठक ने समाज जनों को बाल विवाह न करने और उसमें शामिल न होने की शपथ दिलाई।
बाल विवाह जैसी कुप्रथा को लेकर समाज धीरे-धीरे जागरूक होने लगा है। 19 फरवरी को हुए प्रजापत समाज के सामूहिक विवाह में शिकायत के आधार पर जांच करने पहुंचे दल को सभी जोड़े बालिग मिले। उन्होंने आयोजन स्थल पर ही समाज जनों को बाल विवाह न करने और उसमें शामिल नहीं होने की शपथ दिलाते हुए अधिनियम की जानकारी दी।
