इंदौर
तेजाजी नगर पुलिस ने बायपास पर हुई अपहरण और लूट की एक सनसनीखेज वारदात का पदार्फाश करते हुए पांच शातिर बदमाशों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल हुंडई ओरा कार और लूटा गया कीमती सामान बरामद किया है, जिसकी कुल कीमत लगभग १० लाख रुपये आंकी गई है। पकड़े गए सभी आरोपी पुराने अपराधी हैं, जिनके खिलाफ बाणगंगा, चंदननगर, एरोड्रम और हातोद जैसे विभिन्न थानों में लूट, मारपीट और अवैध हथियार रखने जैसे गंभीर मामले पहले से दर्ज हैं। इस मामले में फरियादी तनिष्कपिता महेश बैरागी, निवासी संस्कृति पैराडाइज राऊ ने पुलिस को बताया कि २३ फरवरी को जब वह अपनी कार से घर जा रहा था, तभी कैलोद फाटा बायपास रोड पर पीछे से आ रही हुंडई ओरा कार एमपी-०७ झेडझेड २६४९ के चालक ने उनकी कार को टक्कर मार दी। जब तनिष्क ने कार साइड में खड़ी कर नीचे उतरकर देखा, तो पीछे वाली कार से तीन व्यक्ति उतरे और उन्हें जबरन अपनी कार में खींच लिया। आरोपियों ने उनके साथ थप्पड़ और घूंसों से मारपीट की और जान से मारने की धमकी देकर करीब आधे घंटे तक बायपास पर घुमाते रहे। इस दौरान बदमाशों ने तनिष्क की सोने की अंगूठी, ब्रेसलेट, घड़ी और मेटा ग्लासेस चश्मा लूट लिया। छीनाझपटी के दौरान तनिष्क के गले की सोने की चेन भी वहीं कहीं गिर गई। वारदात के बाद आरोपी उन्हें मायाखेड़ी क्षेत्र में छोड़कर फरार हो गए। घटना की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी देवेंद्र मरकाम के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई थी। पुलिस ने मुखबिर तंत्र, साइबर सेल और सीसीटीवी फुटेज की मदद से घेराबंदी कर पांचों आरोपियों को धरदबोचा। गिरफ्त में आए आरोपियों की पहचान नितेश, अर्जुन, सुक्सिन तीनों निवासी बाणगंगा और विजय व संजय निवासी चंदननगर के रूप में हुई है। पुलिस अब इन बदमाशों से अन्य वारदातों के संबंध में भी कड़ी पूछताछ कर रही है ताकि शहर में हुई अन्य अनसुलझी लूट की घटनाओं का सुराग लगाया जा सके।
