arsana holi, one of the most joyful festival of India. This is birth place of Radha ,lord Krishna's beloved attracts a large number of visitors each year when it celebrated Holi.
विशेष लेख: पंकज व्यास
भारतीय संस्कृति में त्योहारों का महत्व केवल रीति-रिवाजों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आपसी प्रेम और उल्लास का प्रतीक भी है। रंगों के महापर्व ‘होली’ को जिस भव्यता और जीवंतता के साथ बॉलीवुड ने पर्दे पर उतारा है, उसने इस त्योहार को वैश्विक पहचान दी है। आज होली का अर्थ केवल गुलाल नहीं, बल्कि उन कालजयी गीतों से भी है जिनके बिना फागुन की मस्ती अधूरी मानी जाती है।
आइए, पंकज व्यास के साथ हिंदी सिनेमा के उन चुनिंदा गीतों का पुनरावलोकन करते हैं, जिन्होंने होली के उल्लास को अमर बना दिया है।
1. कालजयी रचनाएँ: परंपरा और संस्कृति का संगम
सिनेमा के स्वर्ण युग से लेकर आधुनिक काल तक, कुछ गीतों ने अपनी एक अलग पहचान बनाई है:
* रंग बरसे भीगे चुनर वाली (सिलसिला, 1981): अमिताभ बच्चन की जादुई आवाज और डॉ. हरिवंश राय बच्चन की लेखनी ने इस लोकगीत आधारित रचना को होली का ‘अघोषित राष्ट्रगान’ बना दिया है। उत्तर भारतीय लोक संस्कृति की महक इस गाने की आत्मा है।
* होली के दिन दिल खिल जाते हैं (शोले, 1975): आर.डी. बर्मन के संगीत से सजे इस गीत ने यह संदेश दिया कि होली केवल रंगों का खेल नहीं, बल्कि मन के द्वेष मिटाकर गले मिलने का अवसर है।
* होली खेले रघुवीरा (बागबान, 2003): अवध की पारंपरिक होली को आधुनिक वाद्ययंत्रों के साथ पिरोकर इस गीत ने पारिवारिक उत्सवों में एक नई जान फूँक दी है।
2. आधुनिक सिनेमा: युवा ऊर्जा और बदलता स्वरूप
जैसे-जैसे समय बदला, होली के गीतों में भी एक नया ‘स्वैग’ और ऊर्जा देखने को मिली:
* बलम पिचकारी (ये जवानी है दीवानी, 2013): रणबीर कपूर और दीपिका पादुकोण अभिनीत यह गीत आज की युवा पीढ़ी की पहली पसंद है। प्रीतम के संगीत ने इसे हर पार्टी की ‘प्लेलिस्ट’ का अनिवार्य हिस्सा बना दिया है।
* बद्री की दुल्हनिया (2017): देसी बीट्स और इलेक्ट्रॉनिक म्यूजिक का यह मिश्रण दिखाता है कि कैसे पुराने त्योहार नए कलेवर में ढल रहे हैं। वरुण धवन और आलिया भट्ट की ऊर्जा इसे एक बेहतरीन डांस नंबर बनाती है।
* डू मी अ फेवर, लेट्स प्ले होली (वक्त, 2005): वेस्टर्न टच और फास्ट टेम्पो वाला यह गाना शहरी होली के मिजाज को बखूबी बयां करता है।
3. रोमांस और मस्ती का अनूठा मिश्रण
होली हमेशा से ही प्रेम की अभिव्यक्ति का माध्यम रही है, जिसे इन गीतों ने बखूबी दर्शाया:
* लहू मुँह लग गया (राम-लीला, 2013): संजय लीला भंसाली की कलात्मकता और लोक संगीत का गहरा पुट इस गाने को रूहानी बनाता है। यह प्रेम की तीव्रता को रंगों के माध्यम से प्रस्तुत करता है।
* आज ना छोड़ेंगे (कटी पतंग, 1971): राजेश खन्ना का खिलंदड़ अंदाज और आनंद बख्शी के बोल होली की उस मस्ती को दिखाते हैं जहाँ हर कोई बेफिक्र होकर झूमता है।
* जय जय शिवशंकर (वॉर, 2019): हृतिक रोशन और टाइगर श्रॉफ के अद्भुत नृत्य ने इस गाने को भांग की मस्ती और जोश का नया पर्याय बना दिया है।
बॉलीवुड और होली का यह अटूट रिश्ता दशकों से हमारी खुशियों को दोगुना करता आ रहा है। ये गीत केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि हमारी साझा विरासत का हिस्सा बन चुके हैं। चाहे वह गाँव की चौपाल हो या शहर की कोई हाई-प्रोफाइल पार्टी, बॉलीवुड के ये सुर ही हैं जो हम सबको एक ही रंग में रंग देते हैं। संगीत वह सेतु है जो परंपरा को आधुनिकता से जोड़ता है। इस होली, आइए हम भी इन सदाबहार धुनों के साथ अपने जीवन में खुशियों के नए रंग भरें।
