*😆होली पर रख ली बैठक* 😇
एक राजनीतिक पार्टी ने अपनी बैठक होली पर रख ली।अब होली पर तो बहुत से लोग भंग कि तरंग में रहते हैं…..
बैठक में एक विषय पार्टी फंड को लेकर भी आया…अध्यक्ष जी ने बोलना शुरू किया.. सबकों होली की शुभकामनाएं… सभी लोग अपना मुंह अच्छे से साफ कर लें, रंग धो ले ताकि मुझे पता चले कौन आया है और कौन नहीं…..
अध्यक्ष जी ने कहा चंदा लेने के लिए आपको 15-15 हजार के कट्टे लेना है…. अध्यक्ष जी कट्टे के साथ रसीद बोलना भूल गए….
दो भंगेड़ी बैठे थे वो कट्टे को तमंचा समझ बैठे…एक ने दूसरे से कहा भाई ये 15 हजार में हमें कट्टा दे रहा है..बाहर 5-5 हजार में बिकते हैं..15 हजार में तो अपन छ फायर की ले आए…
अब दुसरा बोला… सही बोल रिया है तू..पूछना पड़ेगा कट्टे के साथ कारतूस देंगे या वो भी खरीदनी पड़ेगी…. उसने अध्यक्ष से पूछ भी लिया…भाई कट्टा अड़ाकर चंदा लेना है या चला भी सकते हैं……
अब अध्यक्ष का दिमाग भंड … दुसरे पदाधिकारी को चिल्ला कर बोला…अरे क्या बोल रहा है..यार ये..भगाओ इसे….अब जिस पदाधिकारी को निर्देश दे रहे थे,वह भी पिन्नक में था…भगाओ को भांग समझ बैठा….और बोला अध्यक्ष जी भांग तो सबने ले ली है,बांट भी दी है…. हां कड़क मीठी चाय आने वाली है….
अध्यक्ष ने जैसे तैसे फिर मीटिंग शुरू करी…..
तभी बीच में एक महिला कार्यकर्ता बोली- हमें काम नहीं करने दिया जाता है.. अच्छा काम करने वालों की टांग पकड़कर खींची जाती है….
तभी पीछे से एक भंगेड़ी चिल्लाया…..गलत बात है,एक महिला की टांग पकड़कर नहीं खींचना चाहिए… खींचना है तो चोटी पकड़कर खींचों,बाल पकड़कर खींचों…. महिला हो तो महिला की तरह लड़ो…
अब अध्यक्ष को लगा यह बैठक लेना बहुत मुश्किल है…. उन्होंने दुसरे पदाधिकारी को कहा..एक काम करो यह बैठक निरस्त करके, दुसरी बैठक की तारीख और समय दें दो….
अब पदाधिकारी उठा और भंग की तरंग में बोला…. साथियों जो आज क्रियाकर्म हुआ है उसका उठावना तिसरे को रखा है, धन्यवाद…….
इतने में चाय वाला आ गया और सबने कड़क मीठी चाय पी….
अध्यक्ष जी धीरे से पिछे के कमरे में गये और भंग का अंटा छान गये….और बाहर आकर चाय वाले से बोले…दो चाय भर दें मेरे लिए 🙃
**चंद्र प्रकाश तिवारी “चंदू”*
*व्यंग्यकार**

