सीवरेज चैंबर में दो कर्मचारियों की मौत ने एक बार फिर नगर निगम की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगा दिया है सिस्टम की लापरवाही ही है की बीस साल पुराने वाहन का उपयोग किया जा रहा निश्चित ही येसे वाहन पर आधुनिक जीपीएस ट्रेकर भी नहीं लगाया गया होगा ।
मृतकों के परिजनों ने अर्थियां रखकर प्रदर्शन किया और एक करोड़ रुपये की सहायता व परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने शासन की ओर से 30-30 लाख रुपये के चेक सौंपे और आउटसोर्सिंग के माध्यम से रोजगार देने का आश्वासन दिया।
