इन्दौर।
रसकान स्वर साहित्य द्वारा आयोजित सुरमई शाम में पुराने गीतों की बेहतरीन प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम के आयोजक सूरज कानोड़िया सर ने बताया कि कार्यक्रम में मुख्य रूप से सूरज कानोड़िया सर, एडवोकेट संतोष अमोदे, संजू थनवार, ऋषि जायसवाल, एडवोकेट क्षितिज व्यास, मिथिलेश बावने, सुनंदा ताई ने एक से एक गीत प्रस्तुत किए। कार्यक्रम का पहला गीत सूरज कानोड़िया सर और रानी कानोड़िया ने “जनम जनम का साथ है तुम्हारा हमारा” गा कर श्रोताओं की तालियां बटोरी, मिथिलेश बावने ने “ए जाते हुए लम्हों” से समा बांधा तो वहीं एडवोकेट संतोष अमोदे ने ” मैने पूछा चांद से” बहुत ही शानदार निभाया और श्रोताओं से खूब दाद बटोरी जैसे जैसे कार्यक्रम आगे बढ़ा एडवोकेट क्षितिज व्यास ने “हैं अपना दिल तो आवारा” और ऋषि जायसवाल ने “तेरे प्यार की तमन्ना” से कार्यक्रम को नई ऊंचाइयों प्रदान करी, संजू थनवार ने “ये मेरा दीवानापन है” गाकर श्रोताओं को अपनी ओर खींचा। कार्यक्रम मे सूरज कानोड़िया सर ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुती दी जिनमें “बे करार ए दिल तू गाए जा” , “मेरे दीवानेपन की भी दवा नहीं” , “याद न जाए बीते दिनों की” गा कर श्रोताओं को मंत्र मुग्ध कर दिया तो एडवोकेट संतोष अमोदे ने” तू इस तरह से मेरी जिंदगी में और ” मै शायर तो नहीं ” ऋषि जायसवाल ने ” तेरे नाम का दीवाना ” और “ये वादियां ये फिजाएं ” एडवोकेट क्षितिज व्यास ने ” व्यास ने ” कभी कभी मेरे दिल में ख़्याल”और तुम मुझे यूं भुला न पाओगे ” संजू थनवार ने ” ये रेशमी जुल्फें” और ” मुझे इश्क हैं तुझी से” , मिथिले बावने ने”नीले नीले अम्बर पर” और चेहरा या चांद खिला हैं” से अंत तक श्रोताओं को बाँधे रखा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्री शानू कुमार सोनकर जी थे, विशेष अतिथि श्री राजू प्रजापत जी, ललित यादव जी, अजय जायसवाल जी थे। राष्ट्रीय सचिव डॉज बॉल श्री प्रवीण सांगते जी, डॉज बॉल से ही भारतीय महिला टीम कैप्टन राशि सांगते और एशिया न. एक सॉफ्ट टेनिस खिलाड़ी निपुण सांगते को मंच से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का सफ़ल संचालन राजेश गोधा जी ने किया। कार्यक्रम का लाइव प्रसारण जीतू कंडारे ने किया।
