बुक बैंक में होगा किताबों का सदउपयोग

इंदौर। शिक्षा के लिए जरूरी किताबों का सदउपयोग करने के लिए शहर में नई पहल करते हुए अभिनव बुक बैंक शुरू किया गया है। अभिनव ग्रुप ऑफ एज्युकेशन सोसायटी सुंदर नगर बाणगंगा के द्वारा संचालित किए जाने वाले इस बुक बैंक का शुभारंभ महामंडलेश्वर 1008 स्वामी श्री शांति स्वरूपानंद गिरिजी महाराज ने किया। इस बैंक में विद्यार्थी अपनी पुराने किताबें जमा कर नई कक्षा की किताबें नि:शुल्क ले सकते हैं।
इस अवसर पर महाराजजी ने कहा कि बच्चों की पढ़ाई और मानसिक विकास के लिए मोबाइल से दूरी अत्यंत महत्वपूर्ण है। कोई भी माता – पिता नहीं चाहते हैं कि उनके बच्चे बिगड़े। यह मोबाइल बच्चों को बिगाड़ रहे हैं। माता-पिता प्रयास करें कि बच्चे मोबाइल से दूर रहें । उन्होंने कहा कि आप अच्छा पड़े आगे बढ़े। पुरानी पुस्तक जमा कर अगली कक्षा की पुस्तक मिलने से यह भाव भी जगेगा की हमारी पुस्तक भी किसी के काम आ रही है।
सोसाइटी के सचिव विजय दुबे ने बताया कि शिक्षा और ज्ञान का प्रसार करना, ज्ञान या विद्यादान की श्रेणी में आता है, जिसे एक श्रेष्ठ दान माना गया है। हमने बुक बैंक को इसी विद्यादान योजना के अंतर्गत ही शुरू किया है। इससे बच्चों में विद्यादान का महत्व बढ़ेगा और वे पुरानी पुस्तकों का मोल समझेंगे। श्री दुबे ने अपने उद्बोधन में कहा कि विद्यालय सदैव विद्यार्थियों के भविष्य को लेकर जागरूक रहा है। उन्होंने बताया कि वर्तमान महंगाई के दौर में पुस्तकों का खर्च अभिभावकों पर अतिरिक्त बोझ बनता जा रहा है, जिसे ध्यान में रखते हुए विद्यालय द्वारा यह सराहनीय पहल की गई है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों की पुरानी पुस्तकें विद्यालय में जमा करें तथा आवश्यकता अनुसार नई पुस्तकें विद्यालय से प्राप्त करें।
इन्हें मिलेगी नि:शुल्क शिक्षा
श्री दुबे के मुताबिक बोर्ड परीक्षा में 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को नि:शुल्क शिक्षा प्रदान की जाएगी। यह सुविधा केवल बोर्ड कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए लागू होगी।
शुभारंभ पर यह थे मौजूद
इस अवसर पर अंकुल प्रजापति,दीपक सूर्यवंशी, दक्ष शर्मा, रक्षा भावसार, कनक चौधरी ने अपनी पुरानी किताब देकर नई किताब प्राप्त की। सचिन यादव ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान श्रीमती ज्योति दुबे , वंदना दुबे, प्राचार्य प्रीति दुबे एवं राजेश गुप्ता सर ने गुरुदेव का पादप्रक्षालन कर सम्मानपूर्वक अभिवादन किया।
योजना को सभी ने सराहा
बुक बैंक की योजना को क्षेत्र के रहवासियों के साथ ही विद्यार्थियों के अभिभावकों ने भी सराहा और सोसायटी की इस पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि हम भी अपने बच्चों की किताबें इस बैंक में जमा कराएंगे, जिससे कोई और उन किताबों का उपयोग कर आगे बढ़ सके।
