समूचा परिसर जयघोष से गुंजायमान बना रहा -पालकी यात्रा भी निकाली गई

इंदौर निपानिया स्थित इस्कॉन मंदिर पर रविवार शाम भगवान राधा गोविंद एवं राम दरबार ने कमल के पुष्प जैसी आकृति वाली नौकाओं में विराजित हो कर मंदिर परिसर स्थित कुंड में नौका विहार किया एवं अपने भक्तों को दर्शन दिए । सैकड़ों भक्तों ने आह्लादित हो कर इस मनोहारी लीला के दर्शन किए।इसके पूर्व मंदिर परिसर में पालकीयात्रा भी निकाली गई।इस दौरान समूचा परिसर राधा गोविंद और सीता-राम के जयघोष से गुंजायमान बना रहा।
इस्कॉन इंदौर के अध्यक्ष एवं इस्कॉन इंडिया के वाइस चेयरमैन स्वामी महामनदास प्रभु के सानिध्य में इस महोत्सव की विशेष तैयारियां की गई थी। दोनों नौकाओं को अनेक किस्म के फूलों और सुगंधित द्रव्यों से श्रृंगारित- सुरभित किया गया था । इस अवसर पर इस्कॉन परिवार के संतों गिरधर गोपाल दास प्रभु, कृष्णार्चन प्रभु, अच्युत गोपाल प्रभु, विशाल प्रभु, जगतजीवन प्रभु , दामोदरदास प्रभु, समर्पितदास प्रभु, केशवदास प्रभु, लक्ष्मण दास ,अद्विधरण प्रभु ,भक्त वत्सल दास आदि ने सभी मेहमानों की अगवानी की । भक्त मंडल के हरि अग्रवाल,शैलेंद्र मित्तल,अशोक गोयल, किशोर गोयल, विनय जैन , मुरली धामानी सहित अनेक श्रद्धालुओं ने नौका पूजन कर रहे स्वामी महामन दास एवं इस्कॉन परिवार के संतों का स्वागत किया।पवित्र नौकाओं को मां नर्मदा एवं सप्त सरोवर के जल में प्रवाहित करते ही भक्तों का उत्साह चरम पर पहुंच गया था।समूचा परिसर श्रील प्रभुपाद ,राधा गोविंद एवं राम दरबार के जय घोष तथा हरे रामा हरे कृष्णा संकीर्तन से गुंजायमान होता रहा । प्रसाद वितरण के साथ समापन हुआ। उल्लेखनीय है कि बैसाख माह में जगन्नाथ पुरी में भी भगवान को गर्मी से राहत दिलाने के लिए सप्त सरोवर में स्नान करने की परंपरा है। अक्षय तृतीया के अवसर पर पिछले दो वर्षों से इस्कॉन मंदिर में भी नौका विहार की यह परंपरा शुरू की गई है।
