बूँद-बूँद की रक्षा के लिए और परिंदों को दाना-पानी रखने के लिए दिलाएंगे संकल्प, 500 से अधिक श्रद्धालु आएंगे

इंदौर पुरुषोत्तम मास के उपलक्ष्य में वैसे तो शहर में अनेक आयोजन हो रहे हैं लेकिन गुरुवार 4 जून को एयरपोर्ट रोड स्थित नरसिंह वाटिका पर देवभूमि गुप्त काशी – केदारखंड में महामंडलेश्वर स्वामी गिरिजानंद जी सरस्वती ‘भगवन’ के सानिध्य में रहकर कर्मकांड एवं सनातन धर्म से जुड़े अनेक विषयों और विद्याओं का ज्ञान प्राप्त करने वाले श्री श्रीविद्याधाम के ब्रह्मचारी आचार्य प्रशांत के निर्देशन में हो रहे सिद्ध श्रीचक्र साधना महोत्सव का पहला न्योता उज्जैन में महाकालेश्वर, माँ हरसिद्धि, इंदौर में माँ त्रिपुर सुंदरी भगवती के चरणों में समर्पित किया गया। इस अनुष्ठान में भगवान विष्णु एवं महालक्ष्मीजी के श्रीयंत्र का विशेष पूजन-अर्चन होगा, कन्या पूजन, सौभाग्यवती पूजन एवं ब्राह्मण पूजन का भी शास्त्रोक्त विधि से पालन होगा। नरसिंह वाटिका में इस मौके पर माँ भगवती का दरबार भी सुश्रृंगारित किया जाएगा। मान्यता है कि इस अनुष्ठान से समाज, संस्कृति और राष्ट्रचेतना की जागृति के साथ ही गृहस्थ जीवन में सुख, शांति, समृद्धि एवं आध्यात्मिक ऊर्जा की प्राप्ति होती है। यह पूरी तरह शास्त्रोक्त विधान है।
इस अनुष्ठान के सूत्रधार आचार्य ब्रह्मचारी प्रशांत ने बताया कि 4 जून को अपराह्न 4 बजे से प्रख्यात भजन गायकों द्वारा माँ भगवती के दरबार को श्रृंगारित कर वहां भजनों की प्रस्तुति के पश्चात शाम 5 बजे से संध्याकालीन साधना विधान प्रारंभ होगा जिसमें 21 वेदपाठी बटुक एवं 11 अन्य विद्वान विधि विधान पूर्वक श्रीचक्र साधना क्रम का शुभारंभ करेंगे। अनुष्ठान में शामिल मातृशक्ति को पीताम्बर अथवा रक्त वर्ण साड़ी तथा पुरुष वर्ग को श्वेत धोती-कुरता या पायजामे के परिधान में आना होगा। पूजन-अर्चन में लगने वाली सभी सामग्री साधकों को अनुष्ठान स्थल पर ही उपलब्ध रहेगी। शहर एवं देश में व्याप्त भीषण जलसंकट को देखते हुए सभी साधकों को विद्वानों द्वारा माँ भगवती की साक्षी में पानी की बूंद-बूंद की रक्षा करने और जीवदया के उद्देश्य से मूक परिंदों के लिए अपने घर-आँगन में दाना-पानी रखने के संकल्प भी इस महोत्सव में दिलाएंगे।
करीब 2 घंटे चलने वाले इस आयोजन में शाम 7 बजे से सौभाग्यवती पूजन, कन्या पूजन एवं ब्राह्मण पूजन के बाद शाम 7.30 बजे देश के प्रमुख धर्मस्थलों से आने वाले संत-विद्वानों के आशीर्वचन एवं महाआरती तथा महाप्रसाद के साथ समापन होगा। नरसिंह वाटिका परिसर में होने वाले इस आयोजन में करीब 500 साधकों के शामिल होने का अनुमान है क्योंकि लम्बे अरसे बाद होने वाले इस अनुष्ठान के लिए मालवांचल एवं अन्य राज्यों के श्रद्धालु भी इस अनुष्ठान में शामिल होने के लिए आएंगे। पुरुषोत्तम मास में भक्ति, श्रद्धा और साधना से परिपूर्ण इस महोत्सव में शामिल होने के लिए इच्छुक साधक आचार्य प्रशांत अग्निहोत्री के सहयोगी विद्वानों से 98934-26615, 98264-39848, 89624-63564 पर सम्पर्क कर विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। गुरुवार को आचार्य ब्रह्मचारी प्रशांत ने उज्जैन एवं इंदौर स्थित सभी प्रमुख देवालयों में इस अनुष्ठान का न्योता समर्पित कर अनुष्ठान की सफलता की प्रार्थना की। विद्याधाम, खजराना गणेश, अन्नपूर्णा, रणजीत हनुमान एवं अन्य सभी देवालयों पर पूजा अर्चना के बाद यह न्योता समर्पित किया गया।
