हाल ही में बने ‘हाइड्रोलॉजिस्ट’ जीतू पटवारी की रिपोर्ट पूरी तरह फेक है – महापौर पुष्यमित्र भार्गव
रिपोर्ट सफेद झूठ और पूरी तरह प्लान्ड- महापौर
360 एमएलडी से अधिक पानी शहर तक पहुंचा रहे हैं
इंदौर। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के बयान के बाद महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कांग्रेस और जीतू पटवारी को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि नगर निगम लगातार शहर के हर नागरिक तक पानी पहुंचाने का काम कर रहा है। जहां बोरिंग सूख गए हैं, वहां 650 से अधिक टैंकरों और हाइड्रेंट व्यवस्था के माध्यम से पूरी ताकत के साथ जनता की सेवा की जा रही है।
महापौर ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि शहर में कोई घटना, दुर्घटना या संकट आता है तो ऐसे समय में कांग्रेस हमेशा ओछी राजनीति करके शहर का नाम बदनाम करने की कोशिश करती है। उन्होंने कहा कि राजनीति अपनी जगह है, विपक्ष अपनी बात रख सकता है और सुझाव भी दे सकता है, लेकिन कांग्रेस ने हमेशा शहर को बदनाम करने का काम किया है।
360 एमएलडी से अधिक पानी शहर तक पहुंचा रहे हैं
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि जीतू पटवारी और कांग्रेस पूरे शहर में भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिजलपुर और मुसाखेड़ी में स्काडा सिस्टम लगा हुआ है, जिसके माध्यम से नर्मदा का कितना पानी फिल्टर होकर इंदौर पहुंच रहा है और टंकियों तक कितना पानी जा रहा है, उसका पूरा डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध है।
उन्होंने कहा कि इसी रिकॉर्ड के आधार पर नगर निगम करीब 360 एमएलडी से अधिक पानी शहरवासियों तक पहुंचा रहा है। इसके अलावा इस बार हजारों बोरिंग सूख गए हैं, विशेष रूप से उन क्षेत्रों में जहां नर्मदा जल वितरण व्यवस्था नहीं है और नर्मदा कनेक्शन उपलब्ध नहीं हैं। वहां भी लगातार पानी पहुंचाया जा रहा है।
महापौर ने आरोप लगाया कि कम पानी पहुंचाने और वितरण प्रबंधन को लेकर विपक्ष शहर को “बिना पानी का शहर” बताने की कोशिश कर रहा है, जो इंदौर की बदनामी है।
किसी भी संकट में शहर सबसे पहले होना चाहिए
महापौर ने कहा कि किसी भी विपक्ष की पहली प्राथमिकता शहर होना चाहिए। यदि कोई संकट आता है तो सभी को मिलकर उसका समाधान निकालना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनीति से ऊपर उठकर शहरहित में काम करना सभी की जिम्मेदारी है।
90 प्रतिशत पानी जहरीला बताना शहर की छवि खराब करना
महापौर ने कहा कि जीतू पटवारी और कांग्रेस ने राजवाड़ा पर प्रदर्शन कर यह दावा किया कि शहर का 90 प्रतिशत पानी जहरीला है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जीतू पटवारी अब पानी की टेस्टिंग के एक्सपर्ट और बड़े हाइड्रोलॉजिस्ट बन गए हैं।
उन्होंने कहा कि जो शहर अपनी मेहनत से देश में सफाई में नंबर वन बना है और जिसे वाटर प्लस का दर्जा मिला है, उस शहर के पानी को जहरीला बताना शहर की छवि खराब करने की साजिश है।
रिपोर्ट सफेद झूठ और पूरी तरह प्लान्ड
महापौर ने कहा कि जीतू पटवारी का बयान शहर और प्रदेश दोनों के साथ धोखा है। उन्होंने कहा कि यदि कोर्ट में सिद्ध करने की चुनौती दी गई है तो वह सामान्य कानून के विद्यार्थी होने के नाते साबित कर सकते हैं कि यह रिपोर्ट सफेद झूठ है और सुनियोजित तरीके से शहर को बदनाम करने के लिए जारी की गई है।
महापौर ने रिपोर्ट पर उठाए कई सवाल
1. क्या 90% क्षेत्र से सैंपल लिए गए?
महापौर ने सवाल उठाया कि यदि शहर का 90 प्रतिशत पानी जहरीला है तो क्या 90 प्रतिशत क्षेत्र से सैंपल लिए गए थे?
2. केवल 29 वार्डों से लिए गए सैंपल
उन्होंने कहा कि रिपोर्ट की शुरुआती लाइनों में ही उल्लेख है कि सात विधानसभा क्षेत्रों के 240 सैंपल केवल 29 वार्डों से लिए गए थे।
3. रिपोर्ट तीन महीने तक क्यों दबाई गई?
महापौर ने पूछा कि यदि पानी में बैक्टीरियल संक्रमण था तो रिपोर्ट तुरंत नगर निगम को क्यों नहीं दी गई। कांग्रेस ने तीन महीने तक रिपोर्ट क्यों दबाकर रखी?
4. सैंपल लेने की प्रक्रिया पर सवाल
महापौर ने कहा कि रिपोर्ट में दिखाई गई तस्वीरों में प्लास्टिक की बोतलों में सैंपल इकट्ठा किए जा रहे हैं, जबकि एनएबीएल और भारत सरकार के मानकों के अनुसार पानी के सैंपल लेने की निर्धारित प्रक्रिया और मानक होते हैं।
उन्होंने कहा कि सैंपल कांच के विशेष कंटेनर में लिए जाते हैं और निर्धारित समय के भीतर लैब तक पहुंचाना जरूरी होता है। ऐसे में प्रथम दृष्टया यह रिपोर्ट संदिग्ध और झूठी प्रतीत होती है।
क्या चिंटू चौकसे भी जहरीला पानी पी रहे थे?
महापौर ने कहा कि 29 वार्डों के आधार पर पूरे शहर के 90 प्रतिशत लोगों को जहरीला पानी पीने वाला बताया जा रहा है। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि क्या इस 90 प्रतिशत में बिजलपुर और चिंटू चौकसे का क्षेत्र भी शामिल है? यदि ऐसा था तो तीन महीने में उनकी तबीयत क्यों नहीं बिगड़ी?
टैंकरों की राजनीति न करें
महापौर ने कहा कि चिंटू चौकसे ने पानी सप्लाई बंद करने और टैंकर नहीं देने का आरोप लगाया है, जबकि नगर निगम ने उन्हें टैंकर उपलब्ध कराए हैं। उन्होंने आग्रह किया कि नगर निगम के पैसों की बर्बादी न की जाए और टैंकरों का हिसाब दिया जाए।
जल संरक्षण पर कांग्रेस जवाब दे
महापौर ने कहा कि कांग्रेस, जीतू पटवारी, चिंटू चौकसे और उनके पार्षद यह बताएं कि उन्होंने शहर में कितने जल संरक्षण संयंत्र लगाए हैं, कितने वाटर हार्वेस्टिंग प्लांट और रिचार्ज शाफ्ट बनवाए हैं।
उन्होंने कहा कि केवल विरोध करने से शहर का विकास नहीं होता। इससे देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर की छवि ही खराब होती है।
जल संरक्षण के लिए सभी मिलकर लें संकल्प
महापौर ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में जल संरक्षण अभियान चल रहा है और इस वर्ष बड़ी संख्या में बोरिंग सूखने के कारण सभी को मिलकर जल संरक्षण के लिए संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि जल स्तर बढ़ाने और जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की आवश्यकता है।
