जय श्रीराम के उद्घोष, महाराणा प्रताप और महाराजा छत्रसाल के जयकारों से गूंजा पूर्वी क्षेत्र

हजारों राजपूत समाजजन हुए शामिल, राष्ट्रभक्ति और सनातन संस्कृति का दिया संदेश

विधायक रमेश मेंदोला पराक्रम यात्रा में शामिल हुए

इंदौर। वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 486 वी जयंती और बुंदेलखंड केसरी महाराजा छत्रसाल की 377 वी जयंती के अवसर पर बुधवार को मां करणी सेना द्वारा निकाली गई ‘प्रताप पराक्रम यात्रा’ शौर्य, स्वाभिमान और सनातन संस्कृति का भव्य प्रतीक बन गई। केसरिया सूर्य पताकाएं हाथों में लेकर निकली यात्रा में हजारों राजपूत समाजजन शामिल हुए। पूरे मार्ग पर ‘जय श्रीराम’, ‘महाराणा प्रताप अमर रहें’ और ‘महाराजा छत्रसाल अमर रहें’ के जयघोष से पूर्वी क्षेत्र गुंजायमान हो उठा।
राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह गौतम ,बाला ठाकुर , यादवेंद्र सिंह गौर (यादू) के नेतृत्व में निकली यात्रा का शुभारंभ सुबह करीब 10 बजे बापट चौराहे के आगे मैरिएट होटल के समीप से हुआ। यात्रा में मुख्य रूप से विधायक रमेश मेंदोला शामिल हुए । यात्रा विभिन्न मार्गों से होती हुई बॉम्बे हॉस्पिटल स्थित महाराजा छत्रसाल की प्रतिमा तक पहुंची, जहां श्री गौतम के साथ राजपूत वरिष्ठ समाजजनों व मां करणी सेना के पदाधिकारियों ने माल्यार्पण कर दोनों वीर महापुरुषों का स्मरण किया। साथ ही समाजजन ने जल बचाने का संकल्प भी लिया ।
बाला ठाकुर ओर यादवेंद्र सिंह गौर (यादू) ने बताया कि इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह गौतम ने कहा कि पिछले नौ वर्षों से निकाली जा रही यह यात्रा केवल जयंती मनाने का आयोजन नहीं, बल्कि महाराणा प्रताप और महाराजा छत्रसाल के अदम्य साहस, स्वाभिमान, राष्ट्रभक्ति और सनातन धर्म की रक्षा के लिए किए गए संघर्ष को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि दोनों महापुरुषों का जीवन समाज को अन्याय के विरुद्ध खड़े होने, संस्कृति की रक्षा करने और राष्ट्र सर्वोपरि रखने की प्रेरणा देता है।
विधायक रमेश मेंदोला ने समाज द्वारा लिए जल संरक्षण की सराहना की । महाराणा प्रताप और महाराजा छत्रसाल भारतीय इतिहास के वे अद्वितीय योद्धा हैं, जिन्होंने अपने स्वाभिमान, मातृभूमि प्रेम और स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया।
पारंपरिक वेशभूषा में दिखे समाजजन
यात्रा में बड़ी संख्या में राजपूत समाज के युवा, महिलाएं और वरिष्ठजन पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए। कई स्थानों पर पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया गया। हाथों में केसरिया सूर्य ध्वज और राष्ट्रभक्ति के संदेश लिखी तख्तियां लिए युवाओं का उत्साह देखते ही बन रहा था।
दिखी अनुशासन और संगठन की झलक
यात्रा के दौरान अनुशासन और संगठन की झलक भी देखने को मिली। आयोजन को सफल बनाने में बाला ठाकुर, सुमेर सिंह सोलंकी, राजकुमार भदौरिया, कमल सिंह परिहार, जितेंद्र सिंह पंवार, ईश्वर सिंह राठौड़, गोलू ठाकुर, अंकुश चौहान, मनोज सिंह चौहान, बंटी ठाकुर, समरेंद्र चौहान, सत्येंद्र सिंह, अंकित सिंह सिकरवार, हर्षित ठाकुर और गौरव ठाकुर सहित अनेक पदाधिकारियों और कार्यकतार्ओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पूरे आयोजन में सनातन संस्कृति, सामाजिक एकजुटता और राष्ट्र गौरव का संदेश प्रमुखता से उभरकर सामने आया।
माल्यार्पण के दौरान हंगामा
बॉम्बे हॉस्पिटल स्थित महाराजा छत्रसाल प्रतिमा पर जब यात्रा पहुंची तो प्रतिमा स्थल से माल्यार्पण के लिए लगी सीढ़ियां हटा दी गईं, जिससे करणी सेना और राजपूत समाजजन आक्रोशित होकर सड़क पर आ गए। इस दौरान माल्यार्पण के लिए ऊपर गए राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्मेंद्र गौतम गिरने से मामूली चोटिल हो गए। समाज के बढ़ते आक्रोश को देख धर्मेंद्र गौतम ने कहा कि अब संबंधित अधिकारियों से इस संबंध में चर्चा करेंगे । वीर योद्धाओं के सम्मान में हम सब एकजुट हो कर रहेगे आगामी समय में ऐसी घटनाएं न हो ।
पूरे आयोजन में सनातन संस्कृति, सामाजिक एकजुटता और राष्ट्र गौरव का संदेश प्रमुखता से उभरकर सामने आया।
