
पीओपी और रासायनिक प्रतिमाओं के उत्पादन, विक्रय और लाने-ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध
कलेक्टर के निर्देश पर मूर्तिकारों की बैठक सम्पन्न
इंदौर
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के निर्देशों के पालन में इंदौर जिले में अब केवल परंपरागत मिट्टी से निर्मित प्रतिमाओं का ही उत्पादन और विक्रय किया जा सकेगा।कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देशन में आज कलेक्टर कार्यालय में अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी श्री रोशन राय की अध्यक्षता में मूर्तिकार संघ और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक हुई।
पीओपी और केमिकल पर पूरी तरह बैन
बैठक में रोशन राय ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की गाइडलाइन की जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि भगवान श्री गणेश और माता दुर्गा जी की मूर्तियों के निर्माण में केवल प्राकृतिक सामग्री का ही उपयोग होगा, जैसा पुराने ग्रंथों में उल्लेखित है।
नए आदेश के अनुसार:
– पकी हुई मिट्टी, पी.ओ.पी. (प्लास्टर ऑफ पेरिस) और किसी भी प्रकार के केमिकल का उपयोग प्रतिबंधित
– केवल प्राकृतिक रंगों और गैर-विषाक्त रंगों का ही इस्तेमाल होगा। रासायनिक रंग पूरी तरह बैन
– पीओपी के विकल्प के रूप में पेपर जैसी अन्य प्राकृतिक सामग्री का उपयोग किया जा सकेगा
– जिले में पीओपी व अन्य रासायनिक पदार्थों से बनी प्रतिमाओं का उत्पादन, विक्रय, बाहर ले जाना या बाहर से लाना प्रतिबंधित रहेगा
पहले से बने स्टॉक की जानकारी देना अनिवार्य
अधिकारियों ने कहा कि यदि किसी मूर्तिकार ने पहले से पीओपी या अन्य रासायनिक पदार्थों से मूर्तियां बना ली हैं, तो उनके वर्तमान स्टॉक की जानकारी लिखित में प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही इस प्रकार की नई प्रतिमाओं का निर्माण तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित कर दिया गया है। स्थानीय निकाय द्वारा इसका सत्यापन किया जाएगा।
बैठक में मूर्तिकारों को पर्यावरण अनुकूल मूर्ति निर्माण अपनाने के निर्देश दिए गए ताकि विसर्जन के समय नदियों और तालाबों में प्रदूषण न हो।
