
समर्पित माल ढुलाई गलियारा तेजी से विकसित हो रहे भारत की जीवनरेखा है : प्रधानमंत्री
चिप से लेकर जहाज तक, भारत विनिर्माण क्षेत्र में लिख रहा है नई गाथा
इंदौर
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को गुजरात के वडोदरा में 35 हजार करोड़ रुपये से अधिक लागत की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण, उद्घाटन एवं भूमिपूजन किया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है, ताकि लोगों और सामानों की तेज गति से आवाजाही सुनिश्चित हो, नए अवसरों का सृजन हो और आर्थिक विकास को गति मिले।
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने वडोदरा में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित नागरिकों का स्वागत करते हुए कहा कि आज का अवसर विकसित भारत की यात्रा को नई गति देने वाला है। उन्होंने विकास कार्यों के प्रति नागरिकों के उत्साह और सहभागिता की सराहना की।
2800 किलोमीटर लंबे समर्पित माल ढुलाई गलियारे का कार्य पूरा
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में तेज संपर्क और बेहतर लॉजिस्टिक्स के लिए प्रधानमंत्री गति शक्ति के माध्यम से व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने 2800 किलोमीटर लंबे समर्पित माल ढुलाई गलियारे (Dedicated Freight Corridor) का निर्माण पूरा होने को 21वीं सदी के भारत के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि पूर्वी और पश्चिमी समर्पित माल ढुलाई गलियारे देश के वाणिज्यिक परिदृश्य को तेजी से बदल रहे हैं। इन गलियारों के माध्यम से माल परिवहन की गति बढ़ी है तथा देश के विभिन्न हिस्सों के बीच व्यापारिक गतिविधियों को नई मजबूती मिली है। प्रधानमंत्री ने कहा कि समर्पित माल ढुलाई गलियारा तेजी से विकसित हो रहे भारत की जीवनरेखा है।
माल परिवहन की गति बढ़ने से किसानों और उद्योगों को लाभ
प्रधानमंत्री ने बताया कि यात्री एवं मालगाड़ियों के लिए अलग-अलग मार्ग उपलब्ध होने से मालगाड़ियों की संख्या और गति दोनों में वृद्धि हुई है। इससे ट्रकों के माध्यम से होने वाले लंबे परिवहन समय में कमी आई है। उन्होंने कहा कि परिवहन समय कम होने से ईंधन की बचत, माल ढुलाई लागत में कमी और पर्यावरण संरक्षण जैसे अनेक लाभ प्राप्त हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि बेहतर लॉजिस्टिक्स नेटवर्क का सीधा लाभ किसानों को भी मिल रहा है। पूर्वी और पश्चिमी भारत के किसान फूल, फल, सब्जियां तथा अन्य जल्दी खराब होने वाली कृषि उपज को कम समय में बड़े बाजारों और मंडियों तक पहुंचा पा रहे हैं। इससे किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध हो रहे हैं और उनकी आय बढ़ाने के अवसर भी सृजित हो रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने जेएनपीटी बंदरगाह से वडोदरा तक डबल-स्टैक कंटेनर मालगाड़ी के संचालन का उल्लेख करते हुए कहा कि एक ही ट्रेन के माध्यम से बड़ी मात्रा में माल का परिवहन किया जा सकता है। इससे सड़क परिवहन पर दबाव कम होगा तथा देश के एक हिस्से से दूसरे हिस्से तक माल की तेज और कुशल आवाजाही संभव होगी।
आदिवासी क्षेत्रों तक पहुंच रहा रेल नेटवर्क
प्रधानमंत्री ने गुजरात, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों तक रेल संपर्क बढ़ाने के प्रयासों का भी उल्लेख किया। उन्होंने छोटा उदेपुर और अलीराजपुर को रेल सेवा से जोड़ने वाली नई ट्रेन शुरू होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि रेल अब देश के उन क्षेत्रों तक पहुंच रही है, जहां दशकों से रेल सुविधा उपलब्ध नहीं थी। उन्होंने कहा कि सड़क, रेल, मेट्रो, हवाई अड्डे और गैस पाइपलाइन जैसी आधारभूत संरचनाओं का विस्तार केवल परिवहन को बेहतर नहीं बनाता, बल्कि इनके आसपास नए उद्योग, व्यवसाय और रोजगार के अवसर भी पैदा करता है।
भारत विनिर्माण क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहा आगे
प्रधानमंत्री ने वडोदरा की औद्योगिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि यह शहर वस्त्र उद्योग से लेकर पेट्रोकेमिकल क्षेत्र तक लंबे समय से औद्योगिक विकास का केंद्र रहा है। पिछले दो दशकों में वडोदरा एमएसएमई गतिविधियों के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित हुआ है।
उन्होंने कहा कि भारत अब आधुनिक विनिर्माण के क्षेत्र में तेजी से आत्मनिर्भर बन रहा है। देश में आधुनिक रेल कोच, वैगन और लोकोमोटिव के निर्माण में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। वर्ष 2014 के बाद बड़ी संख्या में आधुनिक रेल कोचों का निर्माण किया गया है तथा रेलवे के लिए विशाल संख्या में वैगन तैयार किए गए हैं।
प्रधानमंत्री ने वडोदरा में सी-295 सैन्य परिवहन विमान के निर्माण और उसकी पहली उड़ान का उल्लेख करते हुए कहा कि यह शहर भारत की बढ़ती रक्षा विनिर्माण क्षमता का भी महत्वपूर्ण केंद्र बन रहा है।
सौर ऊर्जा से आत्मनिर्भरता को मिल रही नई मजबूती
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश महत्वपूर्ण आपूर्ति श्रृंखलाओं में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। सौर पीवी मॉड्यूल के घरेलू उत्पादन में वृद्धि से भारत की आयात पर निर्भरता कम हुई है।
उन्होंने कडाना बांध फ्लोटिंग सोलर परियोजना तथा प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि देश के लाखों परिवार अब बिजली के उपभोक्ता के साथ-साथ उत्पादक भी बन रहे हैं। गुजरात में भी बड़ी संख्या में परिवार इस योजना से लाभान्वित हुए हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अब चिप से लेकर जहाज तक विनिर्माण की नई गाथा लिख रहा है।
एआई और आधुनिक तकनीक के लिए युवाओं को तैयार करने पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि डेटा सेंटर और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) जैसी आधुनिक तकनीकों के विस्तार के लिए मजबूत विद्युत एवं आधारभूत संरचना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण खनिज, यूरेनियम और दुर्लभ पृथ्वी तत्वों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भी देश निरंतर प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि यदि भारत को कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में वैश्विक शक्ति बनना है, तो इसके लिए मजबूत बुनियादी ढांचे के साथ-साथ कुशल मानव संसाधन भी आवश्यक है। युवाओं को भविष्य की तकनीकों के अनुरूप कौशल प्रदान करना सरकार की प्राथमिकता है।
युवाओं के कौशल विकास और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर विशेष जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था में केवल पारंपरिक डिग्रियां पर्याप्त नहीं हैं। युवाओं को लगातार नए कौशल सीखने और अपने ज्ञान को समय के साथ अद्यतन करने की आवश्यकता है। इसी उद्देश्य से शिक्षा एवं प्रशिक्षण व्यवस्था में व्यापक बदलाव किए जा रहे हैं। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए मुफ्त कोचिंग की पहल का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यम वर्गीय परिवारों के विद्यार्थियों पर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का आर्थिक बोझ कम करने के लिए सरकार आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य कर रही है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता अब केवल सूचना प्रौद्योगिकी तक सीमित नहीं है। कृषि, स्वास्थ्य, रोबोटिक्स, विनिर्माण और अन्य क्षेत्रों में भी एआई का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। सरकार का प्रयास है कि देश का युवा वर्ग एआई जैसी आधुनिक तकनीकों में दक्ष बने और नवाचार तथा स्टार्टअप के माध्यम से नए अवसरों का सृजन करे।
2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने का आह्वान
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि भारत के पास विशाल युवा शक्ति और जनसांख्यिकीय क्षमता है। इस क्षमता का सही उपयोग करते हुए देश को 2047 तक विकसित भारत बनाने के लक्ष्य की दिशा में निरंतर आगे बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि बुनियादी ढांचे, विनिर्माण, ऊर्जा, शिक्षा, कौशल विकास और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयास भारत को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे। प्रधानमंत्री ने नागरिकों से विकसित भारत के निर्माण के लिए निरंतर प्रयास और सहभागिता का आह्वान किया।
