
मरीमाता चौराहा स्थित सिद्ध विजय गणेश मंदिर पर उमड़ रहा भक्तों का सैलाब
इंदौर,
मरीमाता चौराहा स्थित श्रीसिद्ध विजय गणेश मंदिर पर गणेशोत्सव के आठवें दिन सिद्ध विजय गणेश का भगवान शिव के रूप में मनोहारी श्रृंगार किया गया। भगवान सिद्ध विजय गणेश यहाँ पिता शिवजी के रूप में विराजित हुए। मंदिर पर दिनोंदिन भक्तों की संख्या बढती जा रही है। शिवजी के रूप में किया गया गणेशजी का श्रृंगार इतना मनमोहक था कि श्रद्धालु देखते ही रह गए। मंदिर पर देर रात तक भक्तों की कतारें लगी रहीं। अनेक राजनेताओं, क्षेत्र के पार्षदों और अन्य समाजसेवी बंधुओं ने मंदिर पहुंचकर पिता और पुत्र दोनों की पूजा-अर्चना कर आरती में भाग लिया। महिला एवं पुरूषों के लिए यहां पृथक कतारों में दर्शन एवं प्रसाद वितरण की व्यवस्था की गई है।
संयोजक एवं विधायक गोलू शुक्ला ने बताया कि मंदिर के पुजारी पं. प्रेमनारायण शास्त्री, पं. महेंद्र शर्मा, राजेंद्र शास्त्री के निर्देशन में भगवान के नित्य नूतन श्रृंगार का सिलसिला पहले दिन से ही जारी है। पं. चिराग तिवारी ने शिवजी के रूप में सिद्ध विजय गणेश का इतना मनोहारी श्रृंगार किया कि सैकड़ों मोबाइल कैमरों की फ्लश लगातार चमकती रही। महोत्सव में प्रतिदिन रात 8.30 से 9 बजे तक महाआरती हो रही है। अनेक राजनेता एवं शहर के पार्षदों ने भी मंदिर पहुंचकर सिद्ध विजय गणेश की पूजा अर्चना के बाद आरती भी की और भक्तों में प्रसाद का वितरण भी किया। विधायक गोलू शुक्ला ने उनकी अगवानी की। इस अवसर पर पूर्व पार्षद राजेंद्र शुक्ला, पूर्व विधायक संजय शुक्ला, कमल शुक्ला, बब्बी शुक्ला, अन्जनेश, रुद्राक्ष, दीपेन्द्र सिंह सोलंकी सहित क्षेत्र के अनेक मठ, मन्दिरों से जुड़े महंत एवं पुजारी भी उपस्थित थे।
शुक्ला ने बताया कि मंदिर पर श्रृंगार दर्शन एवं चौराहे पर भक्तों की सुविधा के लिए समुचित प्रबंध किए गए हैं। मंदिर के प्रवेश द्वार एवं दाएं-बाएं बेरिकेट्स लगाकर भक्तों को नियंत्रित करने की व्यवस्था की गई है, ताकि चौराहे का यातायात बाधित न हो सके। महोत्सव के आठवें दिन भी सिद्ध विजय गणेश के दर्शनार्थ भक्तों का सैलाब उमड़ता रहा। मंदिर पर आकर्षक पुष्प एवं विद्युत सज्जा भी आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। महोत्सव में पूरे बारह दिनों तक प्रतिदिन रात 8.30 बजे से महाआरती के बाद 9 बजे से भजन संध्या एवं अन्य धार्मिक आयोजन भी चल रहे हैं। पुष्प एवं विद्युत सज्जा के कारण समूचे मंदिर परिसर एवं गर्भगृह के दर्शनों का आकर्षण लगातार बढ़ता जा रहा है। देर रात तक मंदिर पर 25-30 हजार से अधिक भक्तों ने कतारों में लगकर दर्शन किए।
