राज्य शासन द्वारा सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिये शुरू की गई भावांतर भुगतान योजना का लाभ लेने के लिये किसानों ने बड़ी संख्या में अपना पंजीयन कराया है। योजना के तहत 3 अक्टूबर से प्रारंभ पंजीयन में इंदौर जिला संभाग में सबसे आगे रहा है। यहां सर्वाधिक 42880 किसानों ने अपना पंजीयन कराया है। जबकि पंजीयन के लिये अभी एक दिन और शेष है।
इंदौर जिले में सोयाबीन उत्पाद का कुल रकबा 1,15,236 हैक्टेयर है। यहां सोयाबीन खरीदी के लिये 61 विक्रय केन्द्र बनाये गये हैं। इंदौर जिले में 42880 किसानों ने भावांतर योजना के तहत अपना पंजीयन कराया है। बुरहानपुर जिले में सोयाबीन उत्पाद का कुल रकबा 3688.04 हैक्टेयर हैं। यहां 24 पंजीयन केन्द्रों पर 2111 किसानों ने अपना पंजीयन कराया है। झाबुआ जिले में सोयाबीन उत्पाद का कुल रकबा 11938.77 हैक्टेयर हैं। यहां 50 केन्द्रों पर 9087 किसानों ने पंजीयन कराया है। आलीराजपुर जिले में सोयाबीन उत्पाद का कुल रकबा 35600 हैक्टेयर है। यहां 22 केन्द्रों पर 1183 किसानों ने पंजीयन कराया है। इसी तरह बड़वानी जिले में सोयाबीन उत्पाद का कुल रकबा 14528.29 हैक्टेयर है। यहां 46 केन्द्रों पर 12383 किसानों ने अपना पंजीयन कराया है।

खण्डवा जिले में कुल कुल रकबा 39219.19 हैक्टेयर है। यहां 73 केन्द्रों पर 16763 किसानों ने अपना पंजीयन कराया है। खरगोन जिले में सोयाबीन उत्पाद का कुल रकबा 22239 हैक्टेयर है। यहां 75 पंजीयन बनाये गये हैं। केन्द्रों पर 12163 किसानों ने अपना पंजीयन कराया है।
धार जिले में 33039 किसानों द्वारा पंजीयन कराया गया है। इंदौर संभाग में सोयाबीन भावांतर भुगतान योजनांन्तर्गत 1,29,609 किसानों ने अभी तक पंजीयन कराया है।
भावांतर योजना के लिए किसानों के पंजीयन 17 अक्टूबर तक होंगे। सोयाबीन विक्रय अवधि 24 अक्टूबर से 15 जनवरी 2026 तक निर्धारित की गई है। किसानों से अपील की गई है कि इस योजना का लाभ लेने के लिए 17 अक्टूबर तक ई-उपार्जन पोर्टल पर अपना ऑनलाइन पंजीयन अवश्य करा लें। पंजीयन में किसानों को आधार नंबर, बैंक खाता, मोबाइल नंबर, रकबे की जानकारी देना अनिवार्य है।
अपर कलेक्टर श्री पंवार ने सोयाबीन भावांतर भुगतान को लेकर बैठक ली
अपर कलेक्टर श्री पंवार नवजीवन विजय की अध्यक्षता में सोयाबीन भावांतर भुगतान को लेकर कलेक्टर सभागृह में बैठक आयोजित की गई। बैठक में उप संचालक कृषि श्री सी.एल. केवड़ा, मण्डी सचिव श्री रामवीर किरार सहित जिले के कृषक और उनके प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक में बताया गया कि इंदौर जिले में चार मण्डी और तीन उप मण्डियों में सोयाबीन भावांतर भुगतान योजना का लाभ दिया जाना है। सोयाबीन भावांतर योजना में पंजीयन का अंतिम दिन 17 अक्टूबर है। योजना का लाभ लेने के लिये किसान अपना पंजीयन अवश्य करायें। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करें कि सोयाबीन फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य प्राप्त हो। जिले के सभी विक्रय केन्द्रों पर पीओएस मशीन, इन्टरनेट की व्यवस्था, व्यापारियों की उपलब्धता एवं आवश्यक कर्मचारियों की व्यवस्था सुनिश्चित करें। नये मात्रक तौल कांटे की व्यवस्था की जाये। मण्डीवार एसओपी का निर्धारण, नीलामी, ऑनलाईन भुगतान, कृषक शिकायतों का निराकरण सुनिश्चित करें। सभी मंडियों और उप मंडियों में संभावित आवक को देखते हुए ट्रेफिक प्रबंधन के समुचित उपाय किये जायें। विक्रय केन्द्रों पर आने वाले सभी वाहनों का आरटीओ से रजिस्ट्रेशन होना आवश्यक है। भावांतर राशि का भुगतान किसानों को आरटीजीएस/एनईएफटी के माध्यम से किया जायेगा।
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