
भारतीय विज्ञापन जगत के दिग्गज और ओगिल्वी इंडिया के क्रिएटिव लीडर पीयूष पांडेय अब हमारे बीच नहीं रहे। 70 साल की उम्र में उनका निधन हो गया। पांडेय को सिर्फ एक विज्ञापन विशेषज्ञ के रूप में ही नहीं बल्कि ऐसी शख्सियत के रूप में याद किया जाता था, जिन्होंने भारतीय विज्ञापन को उसकी अपनी भाषा और आत्मा दी।
पीयूष पांडेय के निधन पर लेखक और कॉमेडियन सुहेल सेठ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, अब जन्नत में भी गूंजेगा ‘मिले सुर मेरा तुम्हारा’
प्रणव अदाणी ने पीयूष पांडेय के निधन पर लिखा, ‘मेरे प्रिय मित्र पीयूष पांडेय के निधन से स्तब्ध हूं, वह रचनात्मक प्रतिभा थे जिन्होंने भारतीय विज्ञापन जगत को एक वैश्विक शक्ति के रूप में आकार दिया ।
फिल्ममेकर हंसल मेहता ने एक्स पर लिखा, ‘फेविकोल का जोड़ टूट गया,आज विज्ञापन जगत ने अपनी चमक खो दी, पीयूष पांडेय, आप हमेशा याद रहेंगे”
पीयूष पांडेय ने अपना पहला प्रिंट विज्ञापन सनलाइट डिटर्जेंट के लिए लिखा, छह साल बाद वे क्रिएटिव विभाग में शामिल हुए और लूना मोपेड, फेविकोल, कैडबरी व एशियन पेंट्स जैसे ब्रांड्स के लिए आइकॉनिक विज्ञापन बनाए इसके बाद उन्हें क्रिएटिव डायरेक्टर और फिर राष्ट्रीय क्रिएटिव डायरेक्टर बनाया गया। 1994 में उन्हें ओगिल्वी इंडिया के निदेशक मंडल में भी स्थान मिला। उनके नेतृत्व में ओगिल्वी इंडिया ने लगातार 12 वर्षों तक भारत की नंबर 1 एजेंसी का दर्जा हासिल किया।
पीयूष पांडेय के बनाए विज्ञापन आज भी लोगों की यादों में जीवित हैं,उन्होंने एशियन पेंट्स, कैडबरी, फेविकोल और हच जैसे ब्रांड्स के आइकॉनिक विज्ञापन तैयार किए हैं उन्होंने एशियन पेंट्स के लिए ‘हर खुशी में रंग लाए,’ कैडबरी के लिए ‘कुछ खास है,’ फेविकोल के लिए आइकॉनिक ‘एग’ विज्ञापन और हच के पग वाले विज्ञापन जैसी रचनाएं तैयार कीं। इसके अलावा, उन्होंने 2014 में भारतीय जनता पार्टी के लिए चुनावी नारा ‘अबकी बार, मोदी सरकार’ दिया। उनका योगदान केवल व्यावसायिक विज्ञापन तक सीमित नहीं था। उन्होंने राष्ट्रीय एकता गीत ‘मिले सुर मेरा तुम्हारा’ लिखा और कई सामाजिक अभियान जैसे पोलियो जागरूकता और धूम्रपान विरोधी अभियानों में भी सक्रिय भूमिका निभाई।
पीयूष पांडेय को उनके योगदान के लिए अनेक पुरस्कारों से सम्मानित किया गया, उन्हें 2016 में पद्मश्री और 2024 में एलआईए लीजेंड अवार्ड से नवाजा गया इसके अलावा, उन्हें क्लियो लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड, मीडिया एशिया अवार्ड्स और कान्स लायंस में कई प्रतिष्ठित पुरस्कार भी मिल चुके हैं। उनके नेतृत्व में ओगिल्वी इंडिया को वैश्विक स्तर पर सबसे रचनात्मक कार्यालयों में से एक माना गया। उनकी रचनात्मकता, सहजता और भारतीय विज्ञापन को दी गई दिशा उन्हें हमेशा यादगार बनाएगी।
