शहडोल :

पपौंध थाना क्षेत्र के निपानिया गांव में रविवार को रूप धारी जायसवाल के कच्चे मकान में खाना बनाते समय अचानक आग लग गई। कुछ ही पलों में आग ने पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया। लोग घबराहट में इधर-उधर भागने लगे, लेकिन अंदर से चीख-पुकार की आवाजें आ रही थीं। इसी बीच क्षेत्र भ्रमण पर निकले पपौंध थाना प्रभारी उप निरीक्षक बृजेंद्र मिश्रा मौके पर पहुंचे। स्थिति की गंभीरता समझते हुए उन्होंने बिना समय गंवाए स्वयं जलते मकान में प्रवेश किया। अंदर फंसे चार लोगों को उन्होंने सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस दौरान श्री मिश्रा के हाथ झुलस गए, वहीं घर में मौजूद रूप धारी जायसवाल गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें पुलिस ने उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया। प्रत्यक्षदर्शी रमेश के अनुसार, जब कोई भी व्यक्ति आग के डर से मकान के अंदर जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था, तभी थाना प्रभारी मिश्रा ने अपने जीवन की परवाह किए बिना अंदर जाकर लोगों की जान बचाई। थाना प्रभारी मिश्रा ने बताया कि घटना के बाद उन्होंने तुरंत थाने को सूचना दी। इसी बीच आरक्षक नबी खान ने सूझ-बूझ का परिचय देते हुए सड़क की सिंचाई कर रहे टैंकर को मौके पर बुलाया। पुलिस और ग्रामीणों की मदद से आग पर काबू पाया गया। इस घटना में रूप धारी जायसवाल का घर और सामान जलकर खाक हो गया, जिससे लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। लेकिन थाना प्रभारी की त्वरित कार्रवाई और साहसिक निर्णय से एक बड़ी जनहानि टल गई। ग्रामीणों का कहना था कि फरिश्ता बनकर पहुंचे थे थाना प्रभारी। यह घटना पुलिस सेवा में समर्पण, संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा का जीवंत उदाहरण है।
