अन्नपूर्णा तालाब पर छठ महोत्सव के लिए घाट एवं कुंड का निर्माण
अन्नपूर्णा तालाब पर बनाए गए कृत्रिम घाट के दृश्य
इंदौर, 26 अक्टूबर। बिहार एवं उत्तर प्रदेश मूल के पूर्वांचल क्षेत्र के 300 परिवारों द्वारा पूर्वांचल महासंघ की मेजबानी में आज खरना का आयोजन किया गया। इसमें सभी व्रतधारी महिलाओं ने गुड की खीर एवं सादी रोटी का भोजन किया। आज से नमक का उपयोग बंद कर 36 घंटे का उपवास भी शुरू हो गया है।
पूर्वांचल महासंघ अन्नपूर्णा क्षेत्र के अध्यक्ष सुधाकर दुबे ने बताया कि अन्नपूर्णा क्षेत्र में सूर्यदेव नगर, वैशाली नगर, देवेन्द्र नगर, गायत्री नगर, बृज विहार, गोपुर, सत्यदेव नगर, स्कीम 71 सहित क्षेत्र में करीब 300 परिवार पूर्वांचल से आकर निवास कर रहे हैं। इस सब परिवारों को जोड़कर महासंघ का गठन किया गया है, जिसकी मेजबानी में अन्नपूर्णा तालाब पर गंगा, यमुना, नर्मदा, सरस्वती एवं प्रमुख नदियों के नाम पर घात का निर्माण कार्य भी आज से शुरू कर दिया गया है। महिलाओं द्वारा प्रकृति की पूजा इन घाटों पर कुंड में खड़े रहकर सूर्यदेव को अर्ध्य देकर की जाएगी।
दुबे ने बताया कि रविवार से सभी व्रतधारी महिलाऐं नमक का सेवन नहीं करेंगी। सोमवार की शाम को 5 बजे डूबते हुए सूरज को तथा मंगलवार की सुबह 6 बजे उगते हुए सूरज को पानी के कुंड में खड़ी सुहागन महिलाओं द्वारा अर्ध्य देकर अपने बेटे और पति की लंबी उम्र की कामना के साथ ही शहर और देश में सुख-शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थना की जाएगी। सभी परिवारों ने आज से ही 36 घंटे का उपवास भी प्रारंभ कर दिया है। सोमवार और मंगलवार सहित महिलाऐं 3 दिन उपवास भी करेंगी।