बास्केटबाल स्टेडियम पर 19 नवंबर से 5 दिवसीय दीक्षा महोत्सव,
हैदराबाद से संपन्न परिवार के उच्च शिक्षित युवा ने चुनी वैराग्य की राह
समर्पण ग्रुप, युगप्रधान परिवार की मेजबानी में होगा महामहोत्सव, 50 से अधिक साधु-साध्वी-भगवंत बनेंगे साक्षी


इंदौर, । श्वेताम्बर जैन समाज के इतिहास में रविवार 23 नवंबर को रेसकोर्स रोड स्थित बास्केटबाल स्टेडियम पर एक और स्वर्णिम पृष्ठ जुड़ने जा रहा है जब हैदराबाद के एक समृद्ध परिवार के 27 वर्षीय उच्च शिक्षित युवा एवं पांच बहनों के इकलौते भाई कौशिक कुमार खांटेड अपना वैभवशाली जीवन छोड़कर संयम और साधना के मार्ग पर चल पड़ेंगे। इसके लिए 19 नवंबर से 5 दिवसीय महोत्सव का आयोजन होगा। महोत्सव में प.पू. आचार्य विजय पद्मभूषणरत्न सूरीश्वर, आचार्य विजय जिनसुंदर सूरीश्वर एवं आचार्य विजय धर्मबोधि सूरीश्वर म.सा. सहित अनेक तपोनिष्ठ साधु-साध्वी-भगवंतों के इंदौर आगमन का सिलसिला शुरू हो गया है।
इस 5 दिवसीय दीक्षा महोत्सव की जानकारी देते हुए युगप्रधान परिवार की ओर से विनोद जैन, रितेश जारोली और सोमिल कोठारी ने बताया कि शहर के श्वेताम्बर जैन समाज के सभी प्रमुख वरिष्ठजनों की महती बैठक तिलकेश्वर पार्श्वनाथ मंदिर उपाश्रय पर संपन्न हुई जिसमें दीक्षा महोत्सव की तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया। बैठक में यशवंत जैन, प्रकाश भटेवरा, देवेन्द्र झवेरी, विपिन सोनी, डॉ. हसमुख गाँधी, विजय ओसवाल एवं मनीष शाह सहित विभिन्न संगठनों, महिला मंडलों एवं युवा मंडलों के पदाधिकारी उपस्थित थे, जिन्होंने धर्म नगरी इंदौर की धन्यधरा पर हो रहे इस महोत्सव को समाज एवं शहर की परंपरा के अनुरूप गरिमापूर्ण एवं सार्थक बनाने का संकल्प व्यक्त किया।
बैठक में तय कार्यक्रम के अनुसार समर्पण ग्रुप, युगप्रधान परिवार के तत्वावधान में आयोजित हो रहे इस दिव्य अनुष्ठान का शुभारंभ बुधवार 19 नवंबर को सुबह 7.30 बजे कंचन बाग स्थित बीसीएम प्राइड से रेसकोर्स रोड श्रीसंघ तक प्रवेश सामैया के साथ होगा। गुरुवार 20 नवंबर को सुबह 9 बजे से शांतिधारा महाभिषेक पूजन, , 21 नवंबर को नवकार परिवार द्वारा संयोजित विशाल समूह सामायिक एवं दोपहर में समस्त जैन श्वेताम्बर महिलाओं की महाचौबीसी, मेहँदी वितरण एवं संगीत के कार्यक्रम होंगे। शाम 7 बजे मुमुक्षु की रजवाड़ी शोभायात्रा निकलेगी। शनिवार २२ नवंबर को सुबह 8.30 बजे से भव्य वर्षी दान यात्रा, सुबह 10 बजे धर्मसभा एवं दीक्षा के मुख्य चढ़ावे एवं दोपहर 4 बजे मुमुक्षु का संसारी वेश में अंतिम भोजन होगा। शाम 7.30 बजे संसार से संयम की ओर बिदाई समारोह तथा तद्पश्चात मुंबई के कलाकारों द्वारा संगीत एवं संवेदना के आयोजन होंगे। रविवार 23 नवंबर को सुबह 7 बजे से महामंगलकारी दीक्षा विधि का शुभारंभ होगा। इस अवसर पर मुमुक्षु कौशिक कुमार की मातुश्री पुष्पाबाई सुकनराज खांटेड (सिकंदराबाद) परिवार का सम्मान भी होगा।
अब तक की तपयात्रा – मुमुक्षु कौशिक कुमार ने अपनी अब तक की रत्नत्रयी आराधना में 5 प्रतिक्रमण, वैराग्य शतक, श्रमण क्रियासूत्र, दशवैकालिक सहित अनेक धर्मग्रंथों का अध्ययन किया है और एक दिन में 350 गाथा का कंठस्थ स्मरण भी उनके खाते में दर्ज है। वे अब तक 118 कल्याणक भूमि और 100 से अधिक तीर्थों के दर्शन कर चुके हैं। अपने एक वर्ष के गुरुकुलवास के दौरान उन्होंने 500 किलोमीटर विहार के साथ ही सिद्धितप, अट्ठाई, तीन अट्ठम और 14 वर्धमान तप की ओली की उपासना की है। महोत्सव में 50 से अधिक साधु-साध्वी-भगवंत उपस्थित रहकर कौशिक कुमार को अपने नए जीवन के शुभाशीष प्रदान करेंगे। सभी कार्यक्रम रेसकोर्स स्थित बास्केटबाल स्टेडियम पर युगप्रधान प्रव्रज्या महामहोत्सव समिति की मेजबानी में संपन्न होंगे।
