
इंदौर जिले में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशानुसार मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का कार्य तेज गति से जारी है। इस कार्य को समय सीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। इसी को मद्देनजर रखते हुए कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री शिवम वर्मा के निर्देशन में अभिनव पहल करते हुए नवाचार किया जा रहा है। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से कॉलेज विद्यार्थियों को भी निर्वाचन की सहायक प्रक्रिया से जोड़ा जा रहा है।
इसी संदर्भ में आज कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री शिवम वर्मा ने जिले के शासकीय और अशासकीय कॉलेजों के संचालकों की बैठक ली। कलेक्टर कार्यालय में सम्पन्न हुई इस बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी और अपर कलेक्टर श्री नवजीवन विजय पवार, सहायक उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री अजीत श्रीवास्तव, मास्टर ट्रेनर श्री आर.के. पाण्डे सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। बैठक में कलेक्टर श्री शिवम वर्मा ने जिले में चल रही मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया की जानकारी दी और सभी से सक्रिय सहयोग की अपेक्षा की। उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की कार्यवाही पूरी गंभीरता और गति के साथ संचालित की जा रही है। इसी प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने एक अभिनव पहल की है, जिसके तहत कॉलेज विद्यार्थियों को भी निर्वाचन की सहायक प्रक्रिया से जोड़ा जा रहा है।
कलेक्टर श्री वर्मा ने कहा कि युवा विद्यार्थी देश का उज्ज्वल भविष्य हैं और उन्हें निर्वाचन जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया का अनुभव होना चाहिए। इसी उद्देश्य से आज जिले के सभी कॉलेज संचालकों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में कॉलेज संचालकों से अनुरोध किया गया कि वे अपने यहां से इच्छुक छात्र-छात्राओं एवं कुछ फैकल्टी सदस्यों को इस कार्य में सहयोग हेतु उपलब्ध कराएँ। इससे न केवल युवाओं को उपयोगी अनुभव मिलेगा, बल्कि निर्वाचन कार्यों के लिए एक सक्षम और ऊर्जावान वर्कफोर्स भी तैयार होगी।
उन्होंने बताया कि अभिनव पहल के तहत शहर की विभिन्न रेज़िडेंशियल सोसाइटीज़ में हेल्प डेस्क स्थापित किए जाएंगे, जिन पर प्रशिक्षित विद्यार्थी नागरिकों को भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) पोर्टल पर फॉर्म भरने में मार्गदर्शन करेंगे। इन डेस्क पर विद्यार्थी, बीएलओ के साथ मिलकर फॉर्म भरवाने, सुधार कराने तथा डिजिटलाइजेशन संबंधी कार्यों में सहायता करेंगे। इससे शहरी क्षेत्र में मतदाता सूची पुनरीक्षण की गति और गुणवत्ता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
बैठक में कई महत्वपूर्ण सुझाव सामने आए। कुछ कॉलेजों ने स्वेच्छा से अपने कैंपस में स्थायी हेल्प डेस्क स्थापित करने का प्रस्ताव दिया, जिससे नागरिक सीधे कॉलेज पहुँचकर फॉर्म भर सकेंगे। कलेक्टर ने इन सुझावों को सराहते हुए कहा कि जहां-जहां यह संभव होगा, वहां कॉलेज कैंपस में भी हेल्प डेस्क संचालित किए जाएंगे।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कॉलेजों के नियमित शैक्षणिक कार्यक्रम, परीक्षाएँ और वार्षिक कार्यक्रमों पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े, इसका विशेष ध्यान रखा जाएगा। ऐसे विद्यार्थी जो पढ़ाई के दौरान या व्यस्तताओं से मुक्त समय में सहयोग कर सकेंगे, उन्हें शनिवार–रविवार तथा अन्य अवकाश वाले दिनों में रेज़िडेंशियल क्षेत्रों में नियुक्त किया जाएगा। विद्यार्थियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए प्रशासनिक टीम तथा बीएलओ सुपरवाइज़र उनके साथ रहेंगे।
बैठक में बताया गया कि निर्वाचन की इस प्रक्रिया से जुड़े विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र भी दिए जाएंगे। यह प्रमाणपत्र उनके केरियर में मददगार बनेगे। उन्होंने कहा कि सभी अत्यंत परिश्रम से कार्य करें, विश्वास है कि जिले में SIR की प्रक्रिया समयसीमा में पूर्ण रूप से संपन्न होगी।
